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87 दिनों तक सिंह राशि में रहेगा गुरु का प्रभाव; मेष, सिंह, धनु और कुंभ को मिलेगी तरक्की और धन लाभ

31 अक्टूबर से 25 जनवरी तक बदलेगी बृहस्पति की चाल; जानें किन 4 राशियों के खुलेंगे किस्मत के द्वार और किन्हें मिलेगा नया मुकाम

 

नई दिल्ली / भदैनी मिरर: वैदिक ज्योतिष में ज्ञान, समृद्धि, शिक्षा, धन और संतान के कारक माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति जल्द ही अपनी चाल बदलने वाले हैं। 31 अक्टूबर 2026 को गुरु ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 13 दिसंबर 2026 को वे वक्री (उल्टी चाल) होंगे और 25 जनवरी 2027 को वक्री अवस्था में ही पुनः कर्क राशि में लौट जाएंगे।

31 अक्टूबर से 25 जनवरी तक कुल 87 दिनों की इस विशेष अवधि में गुरु ग्रह की चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। हालांकि, ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 4 ऐसी राशियां हैं, जिनके लिए यह समय करियर, आर्थिक उन्नति और भाग्य के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ और फलदायी साबित होने वाला है।

इन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा:

  1. मेष राशि (Aries):

    सिंह राशि में गुरु का गोचर मेष राशि के जातकों की बौद्धिक क्षमता, शिक्षा और रचनात्मकता में वृद्धि करेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना होगी और नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नए अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा। व्यापारियों के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू करने का यह उत्तम समय है, हालांकि वित्तीय मामलों में जल्दबाजी से बचना होगा।

  2. सिंह राशि (Leo):

    गुरु का प्रवेश आपकी ही राशि में होने जा रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर रहेगा। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां और नेतृत्व के मौके मिलेंगे। व्यापार में विस्तार के नए रास्ते खुलेंगे। बड़े फैसले लेते समय धैर्य और दूरदर्शिता से काम लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

  3. धनु राशि (Sagittarius):

    धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु बृहस्पति हैं। सिंह राशि में गुरु का गोचर आपके भाग्य का द्वार खोलेगा। उच्च शिक्षा, विदेश यात्रा और करियर से जुड़े मामलों में अप्रत्याशित सफलता मिल सकती है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे प्रस्ताव मिलेंगे। व्यावसायिक क्षेत्र में नए संपर्क आपके लिए लाभ के रास्ते बनाएंगे।

  4. कुंभ राशि (Aquarius):

    कुंभ राशि वालों के लिए यह गोचर साझेदारी, व्यापारिक संबंधों और नए अनुबंधों के लिए बेहद सकारात्मक रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए साझेदारों के साथ काम करने का मौका मिल सकता है, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। हालांकि, किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले नियमों को ध्यान से पढ़ना आवश्यक होगा।

गुरु की वक्री चाल और ज्योतिषीय प्रभाव

13 दिसंबर 2026 को जब गुरु वक्री होंगे, तब ग्रहों के संकेत बदलेंगे। ज्योतिष शास्त्र में वक्री चाल को पुराने कार्यों की समीक्षा, आत्म-मंथन और अटके हुए फैसलों को दोबारा सही करने के अवसर के रूप में देखा जाता है। इसके बाद 25 जनवरी 2027 को गुरु के कर्क राशि में लौटने पर एक बार फिर गोचर की स्थिति में परिवर्तन आएगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह 87 दिन की अवधि उतार-चढ़ाव और बदलावों से भरी रहेगी, इसलिए रणनीतिक रूप से किए गए कार्य ही सर्वोत्तम परिणाम देंगे।