राजराजेश्वर की नगरी में लहराया आस्था का समंदर,अर्धनारीश्वर स्वरूप में बाबा ने दिए दर्शन
आकाश से बरसे फूल, अर्धनारीश्वर रूप में दर्शन देकर निहाल हुए बाबा; ज्ञान कूप व नागकेसर मिश्रित जल से हुआ विशेष अभिषेक
वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): पवित्र सावन मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अद्भुत संयोग पर भगवान शिव की नगरी काशी पूरी तरह शिवमय नजर आई। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देश के कोने-कोने—विशेषकर पश्चिम बंगाल, असम और ओडिशा—से लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भोर में मंगला आरती के साथ शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात शयन आरती तक अनवरत चलता रहा। पूरे दिन 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से काशी की गलियां और गंगा घाट गूंजते रहे।
हेलिकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा, अर्धनारीश्वर रूप में सजे बाबा
सावन के इस पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का स्वागत अद्भुत अंदाज में किया गया। आसमान से हेलिकॉप्टर द्वारा भक्तों पर फूलों की वर्षा की गई, तो वहीं धाम के अंदर रेड कार्पेट बिछाकर श्रद्धालुओं का स्वागत हुआ।
तीसरे सोमवार की रात भोग आरती के समय बाबा विश्वनाथ का 'अर्धनारीश्वर' स्वरूप में अलौकिक और भव्य श्रृंगार किया गया। नीलकंठ, गुलाब और गेंदे के पुष्पों से सजी बाबा की चल रजत प्रतिमा का दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
ज्ञान कूप और नागकेसर मिश्रित जल से पौराणिक जलाभिषेक
नागपंचमी और सोमवार के दुर्लभ संयोग पर विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ द्वारा एक अनूठा पौराणिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। संघ के सदस्यों ने दशाश्वमेध चितरंजन पार्क से डमरू दल के साथ शोभायात्रा निकाली। इसके बाद मुख्य अतिथि अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज और शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की मौजूदगी में ज्ञान कूप (ज्ञानवापी कूप) के पवित्र जल में नागकेसर व पंचतीर्थ का जल मिलाकर बाबा विश्वनाथ का भव्य जलाभिषेक किया गया। मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष पूजन से कालसर्प दोष से मुक्ति और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
मार्कंडेय महादेव, सारंगनाथ और ग्रामीण शिवालयों में भी उमड़ी भीड़
विश्वनाथ धाम के अलावा काशी के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। चौबेपुर स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर (कैथी), रामेश्वर महादेव, सारंगनाथ मंदिर और शूलटंकेश्वर महादेव (माधोपुर) में सुबह से ही आधा किलोमीटर लंबी लाइनें लगी रहीं।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
घाटों से लेकर मंदिर परिक्षेत्र तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त करते रहे और विभिन्न सेवा शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को चिकित्सा और पेयजल सुविधा मुहैया कराई गई। देर रात तक 6 लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा दरबार में शीश नवाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।