मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर भड़का विवाद: उज्जैन महाकाल पहुंचे संतों और कांवड़ियों ने जताया कड़ा विरोध
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष के बयान पर भड़का सनातन समाज; उज्जैन में संतों और श्रद्धालुओं ने नारेबाजी कर की सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग।
उज्जैन (भदैनी मिरर डेस्क): ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी द्वारा कांवड़ यात्रियों को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे संतों और कांवड़ यात्रियों ने इस टिप्पणी पर गहरा आक्रोश जताते हुए जमकर नारेबाजी की। संतों और श्रद्धालुओं ने मौलाना के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
मौलाना साजिद रशीदी ने क्या दिया था बयान?
मौलाना साजिद रशीदी ने अपने एक बयान में कहा था कि कांवड़ यात्रा के दौरान उपद्रव या हिंसा करने वाले लोग शिवभक्त नहीं हैं, बल्कि वे "आतंकवादी" और "हिंसक" प्रवृत्ति के लोग हैं। उन्होंने दावा किया था कि असली शिवभक्त शांतिपूर्वक अपनी यात्रा पूरी करते हैं। मौलाना के इस बयान के बाद से ही देशभर के धार्मिक संगठनों और सनातन समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
'सनातन धर्म की समझ नहीं तो टिप्पणी का अधिकार भी नहीं'
महाकाल मंदिर पहुंचे वैष्णव संप्रदाय के मुनि शरण दास महाराज ने इस टिप्पणी पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि जिन्हें सनातन धर्म की मूल भावना की समझ नहीं है, उन्हें हमारे धर्म और शिवभक्तों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि संतों और श्रद्धालुओं का बार-बार अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौलाना को अपने धर्म के मामलों तक सीमित रहना चाहिए। यदि सरकार ने उनके खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए, तो संत समाज शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
कठिन साधना करने वालों को आतंकवादी कहना आस्था का अपमान
संत रामदास महाराज ने बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में लाखों श्रद्धालु बेहद कठिन तपस्या, साधना और सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। ऐसे सच्चे भक्तों को 'आतंकवादी' कहना उनकी आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने सरकार से मौलाना को गिरफ्तार कर नजीर बनने वाली सजा देने की मांग की।
मुंबई के कांवड़ियों में भी भारी आक्रोश
महाराष्ट्र के विरार (मुंबई) से 10 दिनों की कठिन पदयात्रा कर उज्जैन पहुंचे कांवड़ यात्री सुनील गुप्ता ने कहा कि इतनी कठिन साधना के बाद बाबा के धाम पहुंचे शिवभक्तों के लिए 'आतंकवादी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत मांग रखते हुए ऐसे बयान देने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की मांग की। महाकाल मंदिर परिसर में एकत्र हुए कांवड़ियों ने मौलाना रशीदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।