Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और खास संयोग
72 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, अमावस्या के प्रभाव में होगी नवरात्रि की शुरुआत; सुबह 6:52 से 7:43 तक शुभ रहेगा कलश स्थापना का समय
धर्म। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व मां दुर्गा की आराधना और शक्ति उपासना का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी।
72 साल बाद बन रहा खास संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवरात्रि की शुरुआत एक दुर्लभ संयोग में हो रही है। करीब 72 साल बाद ऐसा योग बन रहा है, जब नवरात्रि अमावस्या तिथि के प्रभाव में प्रारंभ होगी और उसी दिन कलश स्थापना भी की जाएगी।
19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या में होने के कारण इसी दिन से नवरात्रि का आरंभ माना जाएगा।
प्रतिपदा तिथि का समय
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी।
इसी वजह से 19 मार्च को ही नवरात्रि का पहला दिन और घटस्थापना का शुभ अवसर माना गया है।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है।
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शुभ मुहूर्त: सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
यदि इस समय में स्थापना संभव न हो तो अभिजीत मुहूर्त में भी यह कार्य किया जा सकता है—
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
मंदिरों और बड़े पंडालों में अभिजीत मुहूर्त को विशेष रूप से श्रेष्ठ माना जाता है।
नवरात्रि का धार्मिक महत्व
नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि का प्रयास करते हैं।
इस दौरान घरों में घटस्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
घटस्थापना की आवश्यक सामग्री
घटस्थापना के लिए प्रमुख सामग्री में—
हल्दी, कुमकुम, सिंदूर, कपूर, जनेऊ, धूपबत्ती, आम के पत्ते, पान, फूल-माला, पंचामृत, नारियल, सुपारी, सिक्के, पांच प्रकार के फल, चौकी, कुशासन और नैवेद्य आदि शामिल हैं।