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 ₹6000 करोड़ के सट्टेबाजी घोटाले का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान से लाया गया भारत

CBI की स्पेशल टीम ओमान से प्रत्यर्पण कराकर भारत लाई; रायपुर की CBI स्पेशल कोर्ट में किया जाएगा पेश; महीनों की अंतरराष्ट्रीय मशक्कत के बाद भारतीय एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता।

 

भदैनी मिरर क्राइम/नेशनल डेस्क। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप (Mahadev Betting App Syndicate) से जुड़े करीब 6,000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से सिंडिकेट के मुख्य प्रमोटर और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर का ओमान से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण (Extradition) करा लिया है।

CBI की एक विशेष टीम ओमान जाकर चंद्राकर को अपनी कस्टडी में लेकर रविवार को भारत लौट आई है। अब उसे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत (CBI Special Court) में पेश किया जाएगा।

महीनों की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों का मिला नतीजा

जांच एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सौरभ चंद्राकर का भारत प्रत्यर्पण कई महीनों की कड़ी मेहनत और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग का परिणाम है।

गौरतलब है कि सौरभ चंद्राकर ने अपने सहयोगी रवि उप्पल के साथ मिलकर साल 2019 के आसपास दुबई भागकर महादेव बेटिंग नेटवर्क की शुरुआत की थी। विदेश में बैठकर ही दोनों इस बेटिंग एप्लिकेशन और विभिन्न वेबसाइटों के जरिए अवैध सट्टेबाजी का एक विशाल नेटवर्क संचालित कर रहे थे। भारतीय जांच एजेंसियों का अनुमान है कि इस सिंडिकेट ने करीब ₹6,000 करोड़ का गैर-कानूनी वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की है।

दुबई में हाउस अरेस्ट से ओमान में प्रत्यर्पण तक का सफर

सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए भारतीय एजेंसियां लंबे समय से प्रयास कर रही थीं:

  • अक्टूबर 2024: इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों ने चंद्राकर को हिरासत में लेकर हाउस अरेस्ट में रखा था। भारत सरकार ने उस समय भी उसके प्रत्यर्पण का आधिकारिक अनुरोध भेजा था।

  • सहयोगी रवि उप्पल हुआ फरार: वहीं, चंद्राकर का सहयोगी और सह-संस्थापक रवि उप्पल यूएई से फरार होने में कामयाब रहा था, जिसके बाद खाड़ी देशों के साथ राजनयिक और कानूनी प्रक्रियाएं और तेज कर दी गई थीं।

  • ओमान से प्रत्यर्पण: आखिरकार CBI ने कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए ओमान सल्तनत से सौरभ चंद्राकर को भारत लाने में कामयाबी हासिल की।

अब रायपुर कोर्ट में पेशी के बाद सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) सौरभ चंद्राकर से सट्टेबाजी सिंडिकेट, अवैध लेन-देन और इसमें शामिल अन्य बड़े नामों को लेकर विस्तृत पूछताछ करेंगी।