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Youtuber Swatantra Bhardwaj Case: स्वतंत्र भारद्वाज को लगा डबल झटका, HC से नहीं मिली राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका; SC-ST व पॉक्सो एक्ट के आरोपी हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर को 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत

 

भदैनी मिरर (लीगल एवं क्राइम डेस्क): एससी-एसटी (SC-ST Act) और पॉक्सो (POCSO Act) कानून के तहत गिरफ्तार किए गए चर्चित हिंदुत्ववादी 'इन्फ्लुएंसर' और यूट्यूबर स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को दिल्ली की अदालत ने भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

दूसरी ओर, स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध ठहराते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका दायर कर तुरंत रिहाई की गुहार लगाई थी, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया।

21 सितंबर तक बढ़ी न्यायिक हिरासत, HC से भी निराशा

सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) सौरभ प्रताप सिंह ललर की अदालत में भारद्वाज को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को 21 सितंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया। इससे पूर्व रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उसे एक दिन की हिरासत में भेजा था।

वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंद्र डुडेजा की पीठ ने भारद्वाज की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया। भारद्वाज के वकील ने कोर्ट से तुरंत राहत की अपील की थी, लेकिन हाईकोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली।

यूट्यूब इंटरव्यू में कबूला था जुर्म, बुलंदशहर से हुई गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सीजेपी (CJP) आंदोलन के दौरान भारद्वाज ने एक दलित शख्स के साथ मारपीट की थी।

  • वीडियो इंटरव्यू से तूल पकड़ा मामला: दो महीने पुरानी मारपीट की इस घटना ने तब तूल पकड़ा, जब स्वतंत्र भारद्वाज ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में शेखी बघारते हुए कहा कि उसने शख्स का सिर फोड़ दिया था और उस पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) का मामला बनता है, लेकिन अपनी राजनीतिक पहुंच की वजह से वह बच निकला।

  • पुलिस पर बढ़ा दबाव: वीडियो वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों और विपक्षी नेताओं ने संसद मार्ग थाने पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आई और केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

नाबालिग की शिकायत पर लगा पॉक्सो एक्ट

मारपीट के मामले के अलावा, दिल्ली पुलिस ने एक नाबालिग छात्रा की शिकायत के आधार पर शुक्रवार को भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो कानून (POCSO Act) और बीएनएस (BNS) की संगीन धाराओं के तहत एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।

पीड़िता का आरोप है कि अपने पिता पर हुए हमले के खिलाफ आवाज उठाने और शिकायत दर्ज कराने पर उसे ऑनलाइन दुष्कर्म की धमकियां दी गईं, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरें भेजी गईं। पुलिस ने इस मामले में पोक्सो के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 67, पीछा करने (धारा 78) और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने (धारा 79) से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं।