{"vars":{"id": "125128:4947"}}

भारत कब लौटूंगा नहीं बता सकता: विजय माल्या की बॉम्बे हाईकोर्ट में दलील, दिया इस बात का हवाला

भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से पहले हाईकोर्ट ने मांगा रुख, माल्या बोला– ब्रिटेन छोड़ने पर कानूनी पाबंदी

 

मुंबई। भारत में धोखाधड़ी और धनशोधन के कई मामलों का सामना कर रहे भगोड़ा कारोबारी Vijay Mallya ने बुधवार को Bombay High Court
में कहा कि वह यह नहीं बता सकता कि भारत कब लौटेगा, क्योंकि उसके ब्रिटेन छोड़ने पर वहां की अदालतों ने कानूनी रोक लगा रखी है।

माल्या ने अपने वकील अमित देसाई के जरिए अदालत को बताया कि भारत सरकार ने उसका पासपोर्ट 2016 में रद्द कर दिया था, जिसके चलते उसके पास यात्रा के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं है। इसके अलावा England and Wales की अदालतों के आदेश भी उसे देश छोड़ने से रोकते हैं।


हाईकोर्ट ने पूछा था– भारत लौटने की मंशा है या नहीं

मुख्य न्यायाधीश Alok Aradhe और न्यायमूर्ति Gautam Ankhad की पीठ ने पिछले सप्ताह साफ कहा था कि जब तक माल्या भारत नहीं लौटता, तब तक उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के आदेश के खिलाफ दायर उसकी याचिकाओं पर सुनवाई नहीं की जाएगी।

इसके बाद ही माल्या की ओर से यह दलील पेश की गई कि वह फिलहाल स्वदेश वापसी की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बता सकता।


दो याचिकाएं दाखिल कर चुका है माल्या

माल्या (70) वर्ष 2016 से ब्रिटेन में रह रहा है। उसने हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की हैं—

  • पहली, उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के आदेश को चुनौती देने के लिए।
  • दूसरी, भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम की वैधता पर सवाल उठाते हुए।

माल्या पर बैंकों से लिए गए कई हजार करोड़ रुपये के कर्ज न चुकाने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं।

वकील बोले– भारत आने पर याचिकाएं हो जाएंगी बेअसर

माल्या के वकील अमित देसाई ने अदालत में दलील दी कि इन याचिकाओं की सुनवाई के लिए माल्या की भारत में मौजूदगी जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा- “अगर माल्या भारत में पेश हो जाता है, तो कानून के मुताबिक ये सारी कार्यवाही स्वतः निरर्थक हो जाएंगी, क्योंकि आरोपी के अदालत में पेश होते ही भगोड़ा घोषित करने वाला आदेश खत्म हो जाता है।”

केंद्र सरकार से मांगा जवाब

पीठ ने केंद्र सरकार को माल्या के बयान पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की सुनवाई अगले महीने तक के लिए स्थगित कर दी गई है।