बिहार में राहुल गांधी पर दो एफआईआर, कांग्रेस नेता ने कहा-यह मेरे मेडल
विपक्ष के नेता ने कहा-मुझे छात्रावास में नही जाने दिया गया, क्योंकि उसकी हालत बहुत खराब थी
दरभंगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अम्बेडकर छात्रावास में छात्रों से संवाद कार्यक्रम की प्रशासन ने इजाजत नही दी थी। इसी का हवाला देकर प्रशासन ने उन्हें छात्रवास जाने से रोका था। फिर भी राहुल गांधी समर्थकों संग पैदल गये और छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम के बाद भी दरभंगा जिला प्रशासन ने कह दिया था कि सीआरपीसी 163 के उल्लंघन के लिए राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। बाद में प्रशासन ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। बाद में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दो-दो एफआईआर दर्ज कराई गयी।
एक एफआईआर अंबेडकर कल्याण छात्रावास परिसर में बिना अनुमति के जाकर कार्यक्रम करने और दूसरी धारा 163 लागू होने के बावजूद तय कार्यक्रम में न जाकर छात्रावास में भीड़ लेकर पहुंचने पर दर्ज किया गया है। इन मामलों में राहुल गांधी सहित 20 नामजद और 100 अज्ञात पर एफआईआर हुई है। पहली एफआईआर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी खुर्शीद आलम के आवेदन पर और दूसरी रिपोर्ट जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार के आवेदन पर लहेरियासराय थाना में दर्ज हुई है। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहाकि हमें जो करना था हमने कर दिया। मैंने जाति जनगणना पर बात की। हमें हॉस्टल के अंदर नहीं जाने दिया गया क्योंकि वहां की हालत बहुत खराब थी। उन्होंने मुझ पर केस लगाए हैं। मेरे ऊपर 30-32 केस हैं और यह सभी मेरे मेडल हैं।
राहुल गांधी ने कहाकि पहले सरकार को किसी तरह की परेशानी नहीं थी। लेकिन बाद मुझे रोकने की कोशिश की गई। मैं जाति जनगणना की बात की। निजी यूनिवर्सिटी, कॉलेजों में भी आरक्षण लागू होना चाहिए। 50 प्रतिशत आरक्षण की दीवार टूटनी चाहिए। यह हमारी मांग है और हम उसे पूरा करके दिखाएंगे। अम्बेडकर छात्रावास के जिस हॉस्टल के अंदर मुझे नही जाने दिया गया उसके बारे में मुझे बाद में पता चला और उसकी तस्वीर मुझे दिखाई गई। तब मुझे पता चला कि मुझे वहां क्यों नही जाने दिया गया। क्योंकि उसकी हालत बहुत खराब थी। सरकार और प्रशासन अपनी कमी छिपाने के लिए यह सब कर रहे थे। उन्होंने कहाकि मुझे जो कहना था, कह दिया। मैंने प्रशासन से कहा कि आप रोकना चाहते हैं, रोक दीजिए। उन्होंने रोका और मैं चला गया।