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"पेट्रोल, गैस और खाद की कोई कमी नहीं": 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से बोले PM मोदी- 'भारत आज मजबूत स्थिति में है'

किसानों के लिए बड़ा ऐलान: ₹3000 की यूरिया ₹300 में उपलब्ध

 

Bhadaini Mirror Desk: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने वैश्विक संकटों के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और कृषि खाद (यूरिया) की कोई कमी नहीं है।

"डराने वालों का जवाब है 12 साल का नियोजन"

प्रधानमंत्री ने वैश्विक उथल-पुथल, कोविड महामारी और पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा कि संकट के समय में कुछ लोगों का काम केवल अफवाह फैलाना और जनता को डराना रहा है।

"लोगों को डराने में आनंद आता था कि वैक्सीन नहीं मिलेगी, गैस, पेट्रोल या फर्टिलाइजर खत्म हो जाएगा। लेकिन 2014 के बाद से पिछले 10-12 वर्षों में किए गए सटीक नियोजन का ही नतीजा है कि देश हर बड़े संकट के समय अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा रहा है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

किसानों के लिए बड़ा ऐलान: ₹3000 की यूरिया ₹300 में उपलब्ध

कृषि क्षेत्र को राहत देने और किसानों के हितों की रक्षा करने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने उर्वरक दरों का ब्यौरा पेश किया:

  • यूरिया पर सब्सिडी: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत ₹3,000 प्रति बोरी तक पहुंच गई है, लेकिन सरकार भारतीय किसानों को यह केवल ₹300 में उपलब्ध करा रही है।

  • DAP की कीमतें नियंत्रित: वैश्विक बाजार में DAP का रेट ₹5,000 पहुंचने के बावजूद किसानों पर बोझ नहीं पड़ने दिया गया और इसे ₹1,350 में दिया जा रहा है।

संसाधनों के 'वेपनाइजेशन' के दौर में 'आत्मनिर्भर भारत' ही एकमात्र रास्ता

ग्लोबलाइजेशन के बदलते स्वरूप और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रही रुकावटों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया के कई देश संसाधनों को हथियार (Weaponization) की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं—चाहे वह पेट्रोल हो, डीजल हो, दवाइयां हों या भू-भाग।

  • MSME क्षेत्र के लिए अवसर: पीएम मोदी ने देश के MSME सेक्टर का आह्वान किया कि वे वैश्विक व्यापार समझौतों (Trade Agreements) का लाभ उठाएं और दुनिया को सस्ती व गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराएं।

लाल किले पर पहली बार गूंजा 'वंदे मातरम्'

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का समारोह ऐतिहासिक रहा क्योंकि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में लाल किले पर विशेष आयोजन किया गया।

समारोह के दौरान लाल किले की प्राचीर को विशेष पुष्प सज्जा से सजाया गया था, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज के दोनों ओर हिंदी में 'वंदे मातरम्' उकेरा गया था। देशभक्ति के उत्साह और कड़ी सुरक्षा के बीच प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का सफल नेतृत्व किया।