AI इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन नेपाल के जेन-जी आंदोलन से प्रेरित था, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दी दलील
गिरफ्तार इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया
प्रदर्शनकारियों के वकील ने कहा-युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया
बिहार के कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और राष्ट्रीय समन्वयक नरसिम्हा यादव को किया गया है गिरफ्तार
नई दिल्ली। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट कार्यक्रम स्थल पर शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को शनिवार को पटियाल हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के चार कार्यकर्ताओं को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इन सभी को एक दिन पहले एआई इंपैक्ट समिट के कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत में पुलिस की तरफ से यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को नेपाल के जेन-जी आंदोलन से प्रेरित बताया। यह सभी कार्यकर्ता क्यू आर कोड के जरिए हॉल में घुसे थे और विवादित टी-शर्ट जैकेट के नीचे छिपा रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। अचानक हुए इस प्रदर्शन से खलबली मच गई थी। अब यह मामला पूरे देश में गूंज रहा है। आपको बता दें कि पुलिस ने मौके से करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से 4 प्रमुख पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए नेताओं में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बिहार निवासी कृष्णा हरि (35), बिहार यूथ कांग्रेस के सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय कुमार और राष्ट्रीय समन्वयक नरसिम्हा यादव शामिल हैं।
यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को शनिवार को पटियाल हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनकी रिमांड की मांग की। तर्क दिया कि आरोपितों ने राष्ट्र विरोधी नारे लगाए और नेपाल में जेन-जी के आंदोलन की तर्ज पर पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने यह भी तर्क दिया कि प्रदर्शन का उद्देश्य देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करना था। यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रदर्शन किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) रवि ने दिल्ली पुलिस और अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) की दलीलें सुनने के बाद आरोपितों को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर देश विरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरों वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त करने और उनसे पूछताछ करने की जरूरत है।
प्रदर्शनकारी अलग-अलग राज्यों से हैं, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। पुलिस ने दलील दी कि विरोध के दौरान रोकने की कोशिश में तीन लोग घायल हुए। प्रदर्शन के पीछे किसी साजिश की जांच, फंडिंग के स्रोत और टी-शर्ट कहां छपी थीं, इसका पता लगाना जरूरी है। जबकि प्रदर्शनकारियों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि वे एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया। केवल विरोध करने पर गिरफ्तारी लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। पुलिस ने इनके खिलाफ लोक सेवक को आधिकारिक कर्तव्य निभाने से रोकने, लोक सेवक पर हमला करने, घृणास्पद भाषण देने, आपराधिक साजिश आदि के आरोप में मामला दर्ज किया है।