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Sikkim Tunnel Collapse Update: नामची सुरंग हादसे में 8 की मौत, विषैली गैस के बीच NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मीथेन गैस और विस्फोट के बाद हुआ भूस्खलन, जहरीली गैस बनी बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा

 

गंगटोक/नामची: सिक्किम के नामची जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। एनएचपीसी (NHPC) की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में अब तक 8 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 25 से अधिक मजदूरों के सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

यह हादसा ममरिंग स्थित समारदुंग सुरंग में हुआ, जिसका निर्माण पटेल इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा कराया जा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं।

मीथेन गैस और विस्फोट के बाद हुआ भूस्खलन

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण सुरंग के प्रवेश द्वार से लगभग 1.5 किलोमीटर अंदर जमा अत्यधिक मीथेन (Methane) गैस थी।

  • कैसे हुआ हादसा: सुरंग के भीतर जमा विषैली गैस को बाहर निकालने की कोशिश के दौरान अचानक विस्फोट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

  • रास्ता हुआ बंद: विस्फोट के प्रभाव से सुरंग के भीतर भूस्खलन (Landslide) हो गया, जिससे बाहर निकलने का एकमात्र मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया।

  • फंसे लोग: घटना के समय कई मजदूर अंदर काम कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पटेल इंजीनियरिंग के कर्मचारियों, एनएचपीसी कर्मियों और रेस्क्यू के लिए अंदर गए कर्मचारियों को मिलाकर लगभग 25 से 27 लोग अंदर फंसे हुए हैं।

जहरीली गैस बनी बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा

राहत एवं बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी और मीथेन गैस का उच्च स्तर बना हुआ है।

नामची की जिला कलेक्टर अनुपा तामलिंग ने बताया: "सुरंग के अंदर गैस का स्तर इतना अधिक है कि बचावकर्मियों को अंदर पहुँचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बचावकर्मियों को चक्कर आने और स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण वापस लौटना पड़ा। हमारी पहली प्राथमिकता सुरंग के अंदर वेंटिलेशन बेहतर कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।"

बचाव दल को मजबूती देने के लिए पश्चिम बंगाल से विशेष गैस-प्रोटेक्टिव उपकरणों (Gas-Protective Equipment) और ऑक्सीजन सपोर्ट से लैस विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया है। NDRF की टीमें गैस मास्क पहनकर सुरंग के गहरे हिस्सों तक पहुँचने का प्रयास कर रही हैं।

प्रशासन अलर्ट मोड पर, चिकित्सा दल तैनात

घटनास्थल पर एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमों को तैनात रखा गया है। शुरुआती रेस्क्यू के दौरान प्रभावित हुए एक बचावकर्मी को इलाज के लिए रंगपो सीएचसी (CHC) में भर्ती कराया गया है।

सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) और नामची जिला प्रशासन स्थिति पर पल-पल की नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक NDRF की टीम सुरंग के आखिरी छोर तक नहीं पहुँच जाती, तब तक फंसे हुए लोगों की सटीक संख्या और स्थिति की आधिकारिक पुष्टि कर पाना मुश्किल है।