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Share Market Today: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 83400 और निफ्टी 25800 के नीचे फिसले

वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 25600 के पास पहुंचा

 

Share Market Today: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 423 अंक टूटकर 83,394 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 147 अंकों की गिरावट के साथ 25,628 के आसपास कारोबार करता दिखा।

सुबह 9:45 बजे तक सेंसेक्स के 30 में से केवल तीन शेयर — हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक — ही हरे निशान में रहे। बाकी अधिकतर दिग्गज शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया।

 गिरावट के साथ हुई बाजार की ओपनिंग

सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 60 अंक टूटकर 83,757 पर और निफ्टी लगभग 20 अंक नीचे 25,755 पर खुला था। जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बिकवाली तेज होती गई और दोनों प्रमुख सूचकांक और नीचे फिसल गए।

वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई और टॉपिक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोस्डैक में भारी गिरावट दर्ज की गई। हांगकांग हैंग सेंग फ्यूचर्स ने भी कमजोर शुरुआत के संकेत दिए।

गिफ्ट निफ्टी करीब 25,861 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जिससे घरेलू बाजार में सपाट से कमजोर शुरुआत के संकेत पहले ही मिल चुके थे।

🇺🇸 वॉल स्ट्रीट से भी नकारात्मक संकेत

अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। डॉऊ जोन्स 49,501 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 में 0.51% और नैस्डैक में 1.51% की गिरावट दर्ज की गई। टेक शेयरों में कमजोरी का असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
एनवीडिया, एएमडी और अल्फाबेट जैसे बड़े शेयरों में गिरावट देखने को मिली, जबकि ऐप्पल के शेयरों में सीमित तेजी रही।

ट्रंप–शी जिनपिंग बातचीत का असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत के बाद भी बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। व्यापार और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के बावजूद निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।

डॉलर मजबूत, कमोडिटी में उतार-चढ़ाव

डॉलर इंडेक्स में हल्की तेजी दर्ज की गई। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गईं, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की सतर्कता के चलते आज बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।