MP के धार में चीख-पुकार: मजदूरों से भरी पिकअप पलटने से अब तक 16 की मौत; PM मोदी और CM मोहन यादव ने किया मुआवजे का ऐलान
क्षमता से अधिक सवार थे मजदूर; मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 16, कई घायल
धार/भोपाल: मध्य प्रदेश के धार जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। तिरला बायपास पर बुधवार रात मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हृदयविदारक हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास हुआ।
ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह!
मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक करीब 40 से 45 मजदूर सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन की गति तेज थी और अचानक संतुलन बिगड़ने से वह पलट गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। मृतकों में मासूम बच्चों और महिलाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है।
इस बड़ी त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं:
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पीएम नरेंद्र मोदी: प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर गहरा दुख जताया और PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।
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सीएम मोहन यादव: मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने की बात कही है।
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कैलाश विजयवर्गीय: प्रभारी मंत्री ने भी शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन को समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल के डॉ. छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि लगभग 35 घायलों को अस्पताल लाया गया था। कई घायलों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें इंदौर रेफर किया गया है। घायलों में 8 से 10 बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।
मृतकों की सूची (प्रमुख नाम):
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तनु (9 वर्ष), नयापुर
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अंगूरी (35 वर्ष), सेमलीपुरा
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मीना (45 वर्ष), रामपुर
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सुमीत (14 वर्ष), नयापुर
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किरण (9 वर्ष), सेमलीपुरा
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भुरी (35 वर्ष), सेमलीपुरा
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रंजना (25 वर्ष), सेमलीपुरा
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आयुष (14 वर्ष), नयापुर
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गोकुल (15 वर्ष), नयापुर
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सुनीता (42 वर्ष), नयापुर (अन्य शवों की शिनाख्त और DNA प्रक्रिया जारी है)
कलेक्टर का बयान
धार कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 108 एंबुलेंस सेवाओं को सक्रिय किया गया है और इंदौर के सरकारी व निजी अस्पतालों से समन्वय स्थापित किया गया है ताकि किसी भी मरीज के इलाज में देरी न हो।