कोटा: त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे यात्री
विक्रमगढ़ आलोट और लूनीरिचा स्टेशनों के बीच हुआ बड़ा हादसा, ट्रेन का थर्ड एसी और एसएलआर कोच पूरी तरह आग की चपेट में। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए।
भारतीय रेलवे के कोटा रेल मंडल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अल सुबह त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एसी (AC) कोच में अचानक भीषण आग लग गई। यह दर्दनाक हादसा विक्रमगढ़ आलोट और लूनीरिचा स्टेशनों के बीच हुआ। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि देखते ही देखते ट्रेन के थर्ड एसी और एसएलआर (SLR) कोच पूरी तरह से आग की चपेट में आ गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही कोटा रेलवे स्टेशन पर इमरजेंसी हूटर बजाया गया और तत्काल मेडिकल व राहत टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
गहरी नींद में थे यात्री, धुएं से मची चीख-पुकार
जानकारी के मुताबिक, जब यह हादसा हुआ तब सुबह का वक्त था और अधिकांश यात्री अपने-अपने बर्थ पर गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक कोच के अंदर तेज धुआं भरने लगा। धुएं और आग की लपटों को देखकर यात्रियों में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही ट्रेन रुकी, घबराए हुए यात्री अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में नीचे कूदने लगे। इस अफरा-तफरी में कई यात्रियों का सामान ट्रेन के अंदर ही छूट गया।
राहत और बचाव कार्य जारी, सभी यात्री सुरक्षित
कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही कोटा से दुर्घटना राहत ट्रेन को तुरंत रवाना कर दिया गया था।
-
सबसे बड़ी राहत: इस भयंकर हादसे में किसी भी यात्री के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
-
प्रशासनिक अमला, डीआरएम (DRM) सहित रेलवे के आला अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद हैं।
-
प्रभावित कोच के सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके सामान के साथ दूसरे कोच में शिफ्ट किया जा रहा है।
रोकनी पड़ी ट्रेनों की रफ्तार
हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर पहुंचे रेलवे कर्मचारियों ने एहतियात के तौर पर तुरंत ओएचई (OHE - ओवरहेड इक्विपमेंट) की बिजली सप्लाई बंद करवा दी। बिजली कटने की वजह से कोटा रेल मंडल के इस पूरे ट्रैक पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे कई अन्य ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ा है।
क्या है आग लगने की वजह?
रेलवे की शुरुआती जांच में ट्रेन के कोच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की गहनता से जांच कर रहे हैं। फिलहाल ट्रैक को साफ करने और यातायात को दोबारा सुचारू रूप से शुरू करने के प्रयास युद्धस्तर पर जारी हैं।