{"vars":{"id": "125128:4947"}}

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: देश के 8 हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त, महाराष्ट्र-बंगाल से जम्मू-कश्मीर तक प्रशासनिक बदलाव

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर मुहर लगाते हुए केंद्र सरकार ने देश के आठ उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी है, जिससे प्रमुख राज्यों की न्यायपालिका में बड़ा प्रशासनिक बदलाव आया है।

 

 नई दिल्ली

देश की न्यायपालिका में एक बड़ा फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को 8 विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) में नए चीफ जस्टिस की नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। ये नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा हाल ही में की गई सिफारिशों के कुछ दिनों के भीतर ही अमल में लाई गई हैं।

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी कि भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए, राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद इन न्यायाधीशों को विभिन्न उच्च न्यायालयों का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। इस प्रशासनिक फेरबदल से महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर सहित देश के कई महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में नेतृत्व में बदलाव हुआ है।

नियुक्त किए गए 8 नए चीफ जस्टिस की पूरी सूची:

  1. जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव (दिल्ली हाई कोर्ट) – पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  2. जस्टिस रविंद्र वी. घुगे (बॉम्बे हाई कोर्ट) – कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  3. जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल (छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट) – राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  4. जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी (इलाहाबाद हाई कोर्ट) – बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  5. जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा (पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट) – पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  6. जस्टिस कृष्णा राम महापात्रा (ओडिशा हाई कोर्ट) – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  7. जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे (गुजरात हाई कोर्ट) – मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

  8. जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी (राजस्थान हाई कोर्ट) – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस

न्यायिक सेवा के जानकारों का मानना है कि इन नियुक्तियों से उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण में तेजी आएगी और न्यायिक प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।