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NCB की बड़ी कामयाबी: तुर्की से भारत लाया गया कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला, अमित शाह बोले- 'अब खैर नहीं'

ऑपरेशन ग्लोबल-हंट: मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक

 

नई दिल्ली/मुंबई: देश से नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के संकल्प के साथ मोदी सरकार ने एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल की है। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 'ऑपरेशन ग्लोबल-हंट' के तहत तुर्की से कुख्यात ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को भारत वापस लाने में कामयाबी पाई है। आज सुबह दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

अमित शाह का सख्त संदेश: 'ड्रग माफियाओं के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं'

इस सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह कार्रवाई नार्को सिंडिकेट के खिलाफ सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि ड्रग्स के सरगना अब दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, वे भारतीय एजेंसियों की पहुंच से दूर नहीं हैं। हमारी एजेंसियों ने वैश्विक स्तर पर इतना मजबूत नेटवर्क बना लिया है कि सीमाओं के पार भी अपराधियों को पकड़ना संभव हो गया है।

कौन है सलीम डोला और क्या है उसका काला साम्राज्य?

59 वर्षीय मोहम्मद सलीम डोला, जो मूल रूप से मुंबई का निवासी है, पिछले दो दशकों से नशीले पदार्थों की तस्करी के काले कारोबार में लिप्त था।

  • इंटरपोल नोटिस: मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था।

  • वैश्विक सिंडिकेट: डोला ने मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप के कई देशों में अपना अवैध कारोबार फैला रखा था।

  • ड्रग्स का थोक सप्लायर: वह महाराष्ट्र और गुजरात में हेरोइन, चरस, मेफेड्रोन (MD), मैंड्रेक्स और मेथामफेटामाइन जैसे घातक नशीले पदार्थों का सबसे बड़ा थोक सप्लायर माना जाता है।

एजेंसियों का साझा प्रहार

सलीम डोला की गिरफ्तारी केवल NCB ही नहीं, बल्कि गुजरात ATS और मुंबई पुलिस के लिए भी एक बड़ी राहत है, क्योंकि वह लंबे समय से इन एजेंसियों की वांछित सूची में था। गौरतलब है कि इससे पहले 2025 में डोला के बेटे ताहिल सलीम डोला और उसके सहयोगियों को यूएई (UAE) से प्रत्यर्पित कर मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मिसाल

सलीम डोला की वापसी तुर्की के अधिकारियों, इंटरपोल और भारतीय खुफिया एजेंसियों के बीच शानदार तालमेल का उदाहरण है। गृह मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई दर्शाती है कि भारत सरकार संगठित अपराध और ड्रग कार्टेल को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।