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उज्जैन महाकाल परिसर में बड़ा हादसा: नागचंद्रेश्वर मंदिर में अफवाह से भगदड़, हरसिद्धि मार्ग पर 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी

करंट फैलने की अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी; 6 लोग घायल, वीआईपी कल्चर और बदइंतजामी के चलते बिगड़े हालात।

 

उज्जैन (भदैनी मिरर)। धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर परिसर के श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह दर्शन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दर्शन के लिए लगी लंबी कतार में अचानक 'करंट फैलने' की अफवाह उड़ गई, जिसके बाद नीलकंठ द्वार के समीप श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। इस अफरा-तफरी में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

वहीं दूसरी ओर, पास ही स्थित प्रसिद्ध हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ का दबाव बनने से करीब 13 श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दोनों घटनाओं में प्रभावित हुए श्रद्धालुओं को आनन-फानन में एंबुलेंस की मदद से उज्जैन के चरक अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।

बैरिकेड्स से टकराकर घायल हुए श्रद्धालु 

भगदड़ के दौरान लोहे के बैरिकेड्स से टकराने के कारण गुजरात (वापी) के रहने वाले हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है। घायलों में स्थानीय उज्जैन निवासियों के अलावा ग्वालियर, बिहार और गुजरात के श्रद्धालु शामिल हैं।

प्रमुख घायलों और प्रभावितों की सूची 

  •  उज्जैन: हिंदूबाई (ढांचा भवन), लक्ष्मीबाई (ढांचा भवन), सागर (19 वर्ष, किशनपुरा)।
  • गुजरात: हरिश्चंद्र (सिलवासा, वापी), तुलसी व उनकी मां रेखाबाई (वलसाड)।
  • मध्य प्रदेश: सोनम (18 वर्ष, ग्वालियर), खुशी (ग्वालियर), अनसूया और उनकी मां ममता (गंजबासौदा)।
  • बिहार: सुजीत कुमार (दरभंगा)।

वीआईपी कल्चर और कुप्रबंधन पर फूटा गुस्सा

ग्वालियर से अपनी भतीजी के साथ दर्शन करने आए श्रद्धालु सुरेंद्र सिंह राणा ने प्रशासन की अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि भक्त रात से ही कतार में खड़े थे, लेकिन आम श्रद्धालुओं को रोक-रोककर केवल वीआईपी (VIP) लोगों को दर्शन कराए जा रहे थे। जब काफी देर रोकने के बाद अचानक आम श्रद्धालुओं को छोड़ा गया, तो धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसी धक्का-मुक्की के कारण दर्जन भर से अधिक लोगों की सांस फूलने और दम घुटने से तबीयत खराब हो गई।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। भीड़ को नियंत्रित कर घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। पुलिस प्रशासन के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।