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LPG Update: 1 मई से महंगा हो सकता है गैस सिलेंडर! नए कनेक्शन पर लगी रोक, बदल गए बुकिंग के नियम; जानें पूरी डिटेल

सप्लाई पर संकट: ईरान-अमेरिका तनाव के कारण एलपीजी आयात में देरी, नए गैस कनेक्शन पर सरकार ने लगाई अस्थायी रोक।

 

नई दिल्ली/वाराणसी: रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए आने वाला महीना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) के बंद होने का असर अब सीधे आपकी रसोई पर पड़ने वाला है। आयात में हो रही देरी की वजह से केंद्र सरकार ने एलपीजी वितरण को लेकर कई कड़े फैसले लिए हैं।

1 मई से बढ़ सकते हैं दाम

सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतें तय करती हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि 1 मई से सिलेंडर के दामों में बड़ा इजाफा हो सकता है। जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया समाप्त होते ही तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का बोझ आम जनता पर डाल सकती हैं।

नए गैस कनेक्शन पर रोक

पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में बढ़ती मांग और सीमित सप्लाई को देखते हुए नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। सरकार का निर्देश है कि फिलहाल सारा ध्यान मौजूदा ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने पर होना चाहिए। अगले एक महीने तक किसी भी नई एजेंसी या उपभोक्ता को नया कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा।

बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव

अब आप अपनी मर्जी से कभी भी सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। सरकार बुकिंग के बीच के अंतराल को अनिवार्य बनाने जा रही है:

  • शहरी क्षेत्र: दो रिफिल (सिलेंडर) के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर होना जरूरी।

  • ग्रामीण क्षेत्र: दो रिफिल के बीच कम से कम 45 दिनों का अंतर अनिवार्य होगा। इसके अलावा, OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम को अब स्थायी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। यानी बिना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए कोड के आपको सिलेंडर नहीं मिलेगा।

ब्लैक मार्केटिंग पर प्रशासन का एक्शन

सप्लाई में कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग घरेलू सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। विशेषकर दक्षिण भारत के शहरों में होटलों और व्यावसायिक संस्थानों द्वारा घरेलू सिलेंडरों का अवैध इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए छापेमारी शुरू कर दी है। मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू सप्लाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।