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कन्नौज गैंगस्टर केस में बड़ा फैसला: पूर्व सपा नेता नवाब सिंह और भाई नीलू यादव को 8-8 साल की कठोर सजा, लगा भारी जुर्माना

नाबालिग से दुष्कर्म और गैंगस्टर एक्ट मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, पीड़िता की बुआ पूजा तोमर को भी हुई 6 साल की जेल.

 

कन्नौज (भदैनी मिरर): उत्तर प्रदेश के कन्नौज से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. कन्नौज के बहुचर्चित नाबालिग से दुष्कर्म, डकैती और गैंगस्टर एक्ट मामले में शुक्रवार (29 मई) को विशेष अदालत ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव और उनके छोटे भाई वीरपाल उर्फ नीलू यादव को दोषी करार देते हुए आठ-आठ साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है.

सजा के साथ-साथ माननीय न्यायालय ने दोनों दोषियों की आर्थिक कमर तोड़ते हुए उन पर दस-दस लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोंका है. इसके अलावा, इस पूरे मामले में साक्ष्य छिपाने और आपराधिक साजिश में सहयोग करने की दोषी पाई गई पीड़िता की बुआ पूजा तोमर को भी कोर्ट ने 6 साल की जेल और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है.

कड़े सुरक्षा घेरे में कोर्ट ने सुनाया फैसला

आपको बता दें कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव और उनका छोटा भाई वीरपाल उर्फ नीलू यादव इस गंभीर मामले में पिछले काफी समय से जेल की सलाखों के पीछे हैं. बीते सोमवार (25 मई) को दोनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया था. कोर्ट ने सोमवार को ही दोनों भाइयों पर लगे आरोपों को सिद्ध मान लिया था और सजा के ऐलान के लिए आज यानी 29 मई की तारीख मुकर्रर की थी.

मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव वर्तमान में सुरक्षा कारणों से बांदा जेल में बंद है, जबकि आपराधिक गतिविधियों में उसका साथ देने वाला भाई नीलू यादव कौशाम्बी जेल में निरुद्ध है. शुक्रवार को फैसला सुनाए जाने के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम रहे.

 पिछले दिनों पेशी के दौरान पुलिस से भिड़ गया था नीलू

गौरतलब है कि बीते सोमवार को जब इन दोनों भाइयों को कोर्ट लाया गया था, तब कचहरी परिसर में भारी ड्रामा देखने को मिला था. दोपहर करीब 12:30 बजे जब पुलिस टीम दोनों को लेकर कोर्ट पहुंची, तो सुरक्षा के लिहाज से पूरा कचहरी परिसर करीब डेढ़ घंटे तक छावनी में तब्दील रहा.

इस दौरान कौशाम्बी जेल से लाए गए नीलू यादव ने कोर्ट परिसर में मौजूद अपने समर्थकों को देखकर उनसे बातचीत करने और कानून हाथ में लेने की कोशिश की थी. जब वहां मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देकर नीलू को रोका, तो वह पुलिस से ही भिड़ गया. पुलिसकर्मियों और नीलू यादव के बीच काफी देर तक तीखी झड़प और नोकझोंक होती रही, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा.

 क्या था पूरा मामला?

यह पूरा मामला कन्नौज के रसूखदार नेता रहे नवाब सिंह यादव द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने, डकैती डालने और समाज में भय फैलाने (गैंगस्टर एक्ट) से जुड़ा हुआ है. इस मामले में पीड़िता की बुआ पूजा तोमर ने भी अपराधियों का साथ दिया था. कोर्ट ने आज इस संवेदनशील मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया है कि अपराध करने वाला चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह कानून से ऊपर नहीं है.