Jharkhand Student Protest: झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज पर बोले राहुल गांधी- "बल प्रयोग गलत
JPSC-JSSC परीक्षा में धांधली को लेकर विधानसभा घेराव कर रहे छात्रों पर पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
रांची/नई दिल्ली (भदैनी मिरर): झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग पूरी तरह से गलत है।
विपक्ष (भाजपा) द्वारा इस मुद्दे पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर निशाना साधे जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि झारखंड में कांग्रेस की सहयोगी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सरकार है।
राहुल गांधी ने X पर क्या लिखा?
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है और केवल बातचीत के जरिए ही इसका समाधान निकाला जा सकता है।" उन्होंने आगे कहा कि झारखंड सरकार को इन छात्रों की चिंताओं को लगातार सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।
17वें दिन उग्र हुआ आंदोलन, विधानसभा की ओर बढ़े छात्र
भर्ती परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहा यह आंदोलन 17वें दिन और अधिक उग्र हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 51वें जन्मदिन के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में छात्र पुराने विधानसभा भवन के बाहर एकत्र हुए और नया विधानसभा परिसर की ओर मार्च करने लगे।
प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछार), आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस झड़प में कई छात्र घायल हुए हैं।
JLKM नेता देवेंद नाथ महतो एम्बुलेंस से पहुंचे
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो बीते 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, एम्बुलेंस के जरिए इस मार्च में शामिल हुए। उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर थी। बैरिकेडिंग और पुलिसिया सख्ती का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने पर तुली है और अब किसी भी तरह की वार्ता नहीं की जाएगी।
हालांकि, राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों के साथ कई दौर की वार्ता की है, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका। छात्रों का कहना है कि वे 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे, जबकि सरकार केवल 3 परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हुई है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उठ रहा परीक्षाओं में धांधली का मुद्दा
छात्रों पर हुए इस लाठीचार्ज के बाद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को घेरा है। एक प्रमुख समाचार पत्र में लिखे अपने लेख में राहुल गांधी ने दिल्ली और बिहार में छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और गृह मंत्री से संसद में जवाब देने की मांग की है।