{"vars":{"id": "125128:4947"}}

भारत के साथ आया जापान: पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा रुख

16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ की कड़ी निंदा की

 

नई दिल्ली: भारत और जापान ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच पर अपनी रणनीति को और मजबूत कर लिया है। नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों ने एक साझा बयान जारी कर सीमा-पार आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस दौरान भारत के साथ खड़े होते हुए जापान ने पहलगाम आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निर्णायक और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

आतंकी संगठन TRF का खुलकर किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच हुई इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ के सभी रूपों को खारिज किया गया। बयान में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और उसके पीछे सक्रिय आतंकी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) का नाम लिया गया। दोनों देशों ने संयुक्त रूप से मांग की कि इस हमले के दोषियों, इसे आयोजित करने वालों, फंड देने वालों और इसके प्रायोजकों को बिना किसी देरी के सजा दिलाई जाए।

साझा बयान में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि आतंकवाद का कोई धर्म, जाति या राष्ट्रीयता नहीं होती है। इसे किसी भी सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, बल्कि इससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत सहयोग की आवश्यकता है।

डिफेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ा समझौता

आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाने के साथ ही भारत और जापान के बीच रक्षा, आर्थिक सुरक्षा और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। दोनों देशों ने निम्नलिखित अहम क्षेत्रों में द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर

  • क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन एनर्जी

  • मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क का विकास

इसके अलावा, दोनों देशों ने अपने पहले रक्षा सह-विकास प्रोजेक्ट (Defense Co-development Project) और रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की ऐतिहासिक घोषणा की।

बढ़ती रणनीतिक क्षमताएं और सुरक्षा साझेदारी

शिखर सम्मेलन के दौरान समुद्री सहयोग बढ़ाने, रक्षा आदान-प्रदान को मजबूत करने और औद्योगिक साझेदारी को गति देने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की ओर से रक्षा उपकरणों और तकनीक के ट्रांसफर से जुड़े तीन सिद्धांतों की समीक्षा का स्वागत किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच रक्षा साझेदारी और अधिक गहरी होगी।

दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने पिछले वार्षिक शिखर सम्मेलन में अपनाए गए सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा के आधार पर इस रणनीतिक साझेदारी को भविष्य में और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।