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जम्मू-कश्मीर: कश्मीरी प्रवासियों के राशन कार्ड का NFSA में एकीकरण तेज, अब 35 साल बाद मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

राहत श्रेणी के प्रवासियों को मिलता रहेगा 11 किलो मुफ्त राशन, छूटे हुए लाभार्थियों को अप्रैल और मई का कोटा एक साथ देने के निर्देश।

 

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के कश्मीरी और जम्मू प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। सरकार ने 'स्पेशल रिलीफ राशन योजना' के तहत प्रवासी राशन कार्डों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) डेटाबेस के साथ एकीकृत (Integration) करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इससे पिछले 35 वर्षों से डिजिटल डेटाबेस से बाहर रहे प्रवासी अब विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

समीक्षा बैठक में प्रगति की रिपोर्ट
गुरुवार को आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकर भारती की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि अब तक 19,000 से अधिक प्रवासी राशन कार्ड एनएफएसए डेटाबेस में दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 8,000 कार्डों को जोड़ने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

राशन वितरण की वर्तमान स्थिति
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सभी निर्धारित डिपो पर राशन का पूरा कोटा उपलब्ध करा दिया गया है। 18 अप्रैल 2026 से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 5,200 से अधिक परिवारों ने राशन प्राप्त कर लिया है।

प्रमुख घोषणाएं और लाभार्थियों को राहत:

दो महीने का मुफ्त राशन: जो प्रवासी लाभार्थी किसी कारणवश अप्रैल 2026 में राशन नहीं ले पाए थे, उन्हें मई माह में अप्रैल और मई दोनों महीनों का राशन एक साथ दिया जाएगा।

पुराना पैमाना रहेगा बरकरार: सरकार ने स्पष्ट किया है कि राहत श्रेणी के तहत पंजीकृत सभी प्रवासियों को पहले की तरह ही 11 किलोग्राम मुफ्त राशन (प्रति व्यक्ति/प्रति माह) और 1 किलोग्राम चीनी मिलती रहेगी। यह लाभ PHH, NPHH या विशेष श्रेणी के भेदभाव के बिना सभी राहत कार्ड धारकों को मिलेगा।

गैर-राहत श्रेणी (पेंशनभोगी): गैर-राहत श्रेणी में पंजीकृत NPHH लाभार्थियों को NFSA के तहत निर्धारित दरों पर 5 किलोग्राम राशन प्रदान किया जाएगा।

35 साल का इंतजार खत्म
जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू-कश्मीर खाद्य सुरक्षा नियम, 2021 और लक्षित सार्वजनिक वितरण (नियंत्रण) आदेश 2023 में आवश्यक संशोधन किए हैं। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य प्रवासियों के गैर-डिजिटल राशन कार्डों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना है। डेटाबेस में एकीकरण न होने के कारण ये परिवार पिछले साढ़े तीन दशकों से कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लाभ से वंचित थे।

बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के आयुक्त सचिव सौरभ भगत, राहत एवं पुनर्वास आयुक्त (M), जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), और एनआईसी (NIC) के राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।