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जल जीवन मिशन से बदला यूपी के गांवों का स्वरूप, ग्रामीणों ने PM मोदी को पत्र भेजकर जताया आभार

'हर घर नल से जल' की मिली सौगात: ललितपुर और बांदा समेत कई जिलों के ग्रामीणों ने लिखी चिठ्ठी, बोले- 'महिलाओं को मिली राहत, बच्चों को शिक्षा'।

 

राज्य डेस्क, भदैनी मिरर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाएं 'जल जीवन मिशन' और 'नमामि गंगे' देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी बदलाव का बड़ा कारण बन रही हैं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए कुल 17 धन्यवाद पत्रों ने यह साबित कर दिया है कि कैसे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता ने ग्रामीणों के जीवन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या में ऐतिहासिक सुधार किया है।

ललितपुर: "महिलाओं को मिली राहत, बच्चे समय पर जा रहे स्कूल"

ललितपुर जनपद के जाखौरा विकास खंड स्थित खडेरा ग्राम पंचायत के निवासियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जल जीवन मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए आभार जताया। ग्रामीणों का कहना है कि घर-घर नल से पानी पहुंचने से महिलाओं को दूर-दराज के इलाकों से पानी ढोने से मुक्ति मिली है।

समय की बचत होने से न सिर्फ महिलाओं का जीवन आसान हुआ है, बल्कि बच्चे भी अब बिना किसी रुकावट के समय पर विद्यालय पहुंच रहे हैं। जल जनित बीमारियों में कमी आने से गांव में एक स्वस्थ और स्वच्छ माहौल बना है।

बांदा: पिछले 4 सालों से सोलर सिस्टम से मिल रहा सुरक्षित पानी

वहीं, बांदा जिले के जसपुरा ब्लॉक स्थित अमारा गांव के निवासी बच्चा कोरी ने भी पीएम मोदी को पत्र भेजकर योजना की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने बताया कि उनके गांव में यह परियोजना तय समय सीमा के भीतर बेहद उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हुई थी।

पिछले चार वर्षों से गांव में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली के जरिए सभी परिवारों को नियमित शुद्ध पेयजल मिल रहा है। इससे ग्रामीणों के घरेलू कामकाज और खेती-किसानी के काम काफी सुगम हो गए हैं।

नेतृत्व और जमीनी कर्मचारियों की सराहना

ग्रामीणों ने अपने पत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करने के साथ-साथ योजना को धरातल पर उतारने वाले विभागीय अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के प्रयासों की भी जमकर तारीफ की। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की विकासपरक योजनाएं भविष्य में भी ग्रामीण भारत को और अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती रहेंगी।