ITR Refund Delay: क्यों अटक रहे हैं इस साल इनकम टैक्स रिफंड? जानें पूरी वजह
AIS–26AS मिसमैच, बैंक डिटेल एरर और CPC की कड़ी जांच प्रक्रिया बनी देरी की बड़ी वजह; लाखों करदाता “Under Processing” स्टेटस से परेशान
Dec 11, 2025, 10:47 IST
नई दिल्ली। इस साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने वाले लाखों करदाता रिफंड में अभूतपूर्व देरी का सामना कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिकायतों की बाढ़ आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ITR रिफंड “Under Processing” में क्यों अटका हुआ है?
AIS–26AS और इनकम स्टेटमेंट में mismatch सबसे बड़ी वजह
टैक्स प्रोफेशनल्स के अनुसार इस बार रिफंड रुकने की सबसे सामान्य समस्या AIS (Annual Information Statement), Form 26AS और ITR में दर्ज आय के बीच mismatch है।
ऐसे mismatch अधिकतर निम्न श्रेणियों में पाए जा रहे हैं—
- कई स्रोतों से आय प्राप्त करने वाले करदाता
- स्टॉक मार्केट में सक्रिय निवेशक
- विदेशी आय या विदेशी निवेश वाले टैक्सपेयर
इन मामलों में सिस्टम स्वतः अलर्ट जारी करता है, जिससे रिटर्न मैनुअल वेरिफिकेशन में चला जाता है और प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
CPC ने लागू किए सख्त स्क्रूटनी नियम
बेंगलुरु के Centralised Processing Centre (CPC) ने इस बार कई प्रक्रियाओं में कड़ाई बढ़ाई है।
रिपोर्ट के अनुसार—
- बड़े रिफंड दावे
- असामान्य या संदिग्ध एंट्री वाले रिटर्न
- देर से दाखिल किए गए रिटर्न
इन सभी पर अधिक गहन जांच की जा रही है। इसकी वजह से साधारण रिटर्न को भी प्रोसेस होने में अधिक समय लग रहा है।
बैंक डिटेल mismatch भी रोक रहा रिफंड
कई मामलों में टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड जारी कर देता है लेकिन बैंक अकाउंट से संबंधित त्रुटियों के कारण पैसे खाते में नहीं पहुंचते। आमतौर पर निम्न कारण पाए गए—
- अकाउंट होल्डर का नाम PAN रिकॉर्ड से मैच न करना
- इनएक्टिव या बंद बैंक अकाउंट
- बैंक अकाउंट पहले validate न होना
टैक्सपेयर इसे बाद में सोशल मीडिया शिकायतों के माध्यम से समझते हैं।
टैक्स डिपार्टमेंट सोशल मीडिया पर सक्रिय
इनकम टैक्स विभाग की सोशल मीडिया टीम X (पूर्व ट्विटर) पर मिल रही शिकायतों का जवाब दे रही है और करदाताओं को e-filing पोर्टल के grievance redressal सेक्शन में टिकट उठाने का निर्देश दे रही है।
क्या करें टैक्सपेयर? विशेषज्ञों की सलाह
टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार करदाताओं को निम्न कदम उठाने चाहिए—
- AIS, Form 26AS और ITR की डेटा मैचिंग ज़रूर करें
- mismatch होने पर feedback सबमिट करें
- गलतियों में संशोधन हेतु revised return दाखिल करें
- बैंक अकाउंट विवरण PAN से मैच करें और validate करें
- रिफंड लंबे समय तक pending रहे तो पोर्टल पर grievance ticket दर्ज करें
कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों के तहत अब CPC छोटी-मोटी त्रुटियों को स्वयं सुधार भी सकता है, जिससे भविष्य में गति बढ़ने की उम्मीद है।
धीरे-धीरे backlog कम होने की उम्मीद
विशेषज्ञों का कहना है कि देरी किसी भुगतान रुकावट का संकेत नहीं है, बल्कि डाटा-चेकिंग प्रक्रिया को मजबूत बनाने का परिणाम है।
जैसे-जैसे बैकलॉग कम होगा और तकनीकी प्रक्रियाएं सुचारू होंगी, रिफंड की गति सामान्य होने की उम्मीद है।