मिडिल ईस्ट संकट का असर, रेलवे स्टेशनों पर माइक्रोवेव-इंडक्शन से बनेगा खाना
LNG सप्लाई प्रभावित होने पर रेलवे का नया निर्देश, पीएम मोदी ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को सहायता का आश्वासन
नई दिल्ली। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखाई देने लगा है। पेट्रोलियम और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच भारत में भी गैस की कमी की चर्चा तेज हो गई है। इसी स्थिति को देखते हुए Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खाना उपलब्ध कराने वाले वेंडर्स को नया निर्देश जारी किया है।
IRCTC ने कहा है कि वे गैस के बजाय माइक्रोवेव ओवन और इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करें, ताकि गैस सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत आने पर यात्रियों के भोजन पर असर न पड़े।
स्टेशन कैटरिंग यूनिट्स को पहले से तैयार रहने के निर्देश
रेलवे की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि रेलवे स्टेशनों पर चलने वाले फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और पब्लिक मील जैसी कैटरिंग सुविधाएं वैकल्पिक कुकिंग सिस्टम के लिए तैयार रहें।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है, इसलिए संभावित संकट से पहले ही तैयारी शुरू कर दी गई है।
रोजाना 17 लाख यात्रियों को मिलता है रेलवे का खाना
रेलवे अधिकारियों के अनुसार IRCTC देशभर में रोजाना लगभग 17 लाख यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराता है।
यह भोजन रेलवे के बेस किचन में तैयार किया जाता है और फिर ट्रेनों में यात्रियों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में अगर एलपीजी या गैस की सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर भोजन बनाने और उसकी सप्लाई पर पड़ सकता है।
हालात बिगड़े तो पका हुआ खाना अस्थायी रूप से बंद हो सकता है
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यदि गैस की कमी ज्यादा गंभीर हो जाती है तो ट्रेनों में मिलने वाले पके हुए खाने की सेवा अस्थायी रूप से बंद करने का विकल्प भी विचाराधीन है।
ऐसी स्थिति में जिन यात्रियों ने टिकट बुक करते समय भोजन पहले से बुक किया होगा, उन्हें खाने का पैसा वापस किया जा सकता है। हालांकि फिलहाल रेलवे ने इसे केवल एहतियाती कदम बताया है।
गैस संकट की वजह क्या है
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। भारत अपनी लगभग 30 प्रतिशत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते करता है।
यदि इस मार्ग पर लॉजिस्टिक बाधाएं आती हैं तो गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे देश के उद्योगों और परिवहन क्षेत्र पर असर पड़ने की आशंका है।
सरकार ने दिया भरोसा
इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने भरोसा दिलाया है कि देश में घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा की कमी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि CNG और PNG की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और उद्योगों को भी आवश्यक ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।
सरकार ने स्थिति को देखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम भी लागू किया है ताकि ऊर्जा बाजार को स्थिर रखा जा सके और सप्लाई पर नियंत्रण बना रहे।