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India–US Trade Deal: पीएम मोदी बोले– शुक्रिया डोनाल्ड ट्रंप, ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा नया बल

भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया, 25% अतिरिक्त टैरिफ हटने से किसानों, MSME और स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा
 

 

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों महान देशों के बीच ट्रेड डील की रूपरेखा पर सहमति बन गई है, जो भारत की अर्थव्यवस्था और मेक इन इंडिया अभियान को नई मजबूती देगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों के प्रति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता के लिए उनका धन्यवाद करता हूं। यह व्यापार समझौता हमारे किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों, स्टार्टअप्स और मछुआरों को नए अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत ऐसी वैश्विक साझेदारियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भविष्य केंद्रित हों, लोगों को सशक्त करें और साझा समृद्धि को बढ़ावा दें।

25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ हटाया गया

इस ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ समाप्त कर दिया है। इसके अलावा कुल टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। एयरक्राफ्ट और उससे जुड़े उपकरणों पर ड्यूटी भी खत्म कर दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश में कहा कि भारत ने रूसी तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है और अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने पर सहमति दी है। साथ ही अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी है।

ट्रंप ने कहा कि इन कदमों को देखते हुए भारत से आयातित वस्तुओं पर लगाए गए अतिरिक्त शुल्क हटाने का फैसला लिया गया है।


ट्रेड डील में क्या-क्या सुरक्षित रहा?

इस अंतरिम समझौते में भारत ने अपने अहम कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखा है। डील से बाहर रखे गए उत्पादों में शामिल हैं—

  • गेहूं, बाजरा और अन्य मोटे अनाज
  • पशु आहार के लिए लाल ज्वार
  • मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल
  • सोयाबीन तेल
  • शराब और स्पिरिट
  • सब्जियां और मसाले
  • डेयरी उत्पाद

सरकार का कहना है कि इससे देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर किसी तरह का नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेड डील से भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे और विदेशी निवेश को भी गति मिलेगी। इससे मेक इन इंडिया अभियान और मजबूत होगा।