भारत की बड़ी रक्षा छलांग: जेट इंजन संचालित ड्रोन 'दिव्यास्त्र एमके3' का सफल परीक्षण, जानिए इसकी खासियत
कावा यूएवी (हॉवरइट) ने स्वदेशी तकनीक से विकसित 'दिव्यास्त्र एमके-3' लॉइटरिंग म्यूनिशन का सफल परीक्षण
नई दिल्ली (भदैनी मिरर)। रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर कदम बढ़ाते हुए भारतीय रक्षा स्टार्टअप कावा यूएवी प्राइवेट लिमिटेड (Kawa UAV Pvt. Ltd. / HoverIt) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कंपनी ने पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित नेक्स्ट-जनरेशन जेट-संचालित ड्रोन 'दिव्यास्त्र एमके3' (Divyastra Mk3) की पहली सफल टेस्ट फ्लाइट पूरी कर ली है।
#WATCH | Kawa UAV Pvt. Ltd. (HoverIt) conducts a successful flight of the Divyastra Mk3 — a next-generation, jet-powered loitering munition developed in India.
— ANI (@ANI) August 16, 2026
“This is not merely a test flight — it is a declaration of intent. India has demonstrated, at scale and at speed, that… pic.twitter.com/MbrMA5jBI1
सटीक हमले के लिए तैयार किया गया है लॉइटरिंग म्यूनिशन
'दिव्यास्त्र एमके3' एक आधुनिक लॉइटरिंग म्यूनिशन (आत्मघाती/सटीक हमलावर ड्रोन) है, जो प्रोपेलर की बजाय एडवांस जेट इंजन से संचालित होता है। इसे बेहद तीव्र गति से दुश्मन के तय ठिकानों की पहचान करने और उन पर अचूक निशाना लगाने के लिए तैयार किया गया है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इस प्रणाली की पूरी इंजीनियरिंग, तकनीक और असेंबलिंग देश के भीतर ही विकसित की गई है।
कंपनी के सह-संस्थापकों ने कहा—'यह सिर्फ टेस्ट नहीं, भारत का सामर्थ्य है'
सफल परीक्षण के बाद कावा यूएवी के सह-संस्थापकों ने इस उपलब्धि को देश के लिए ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा, "यह केवल एक परीक्षण उड़ान नहीं है, बल्कि यह भारत की रक्षा क्षमताओं और इरादों का स्पष्ट संदेश है। भारत ने तेज गति से यह साबित कर दिखाया है कि वह अपनी सीमाओं के भीतर ही जेट-संचालित सटीक स्ट्राइक सिस्टम की परिकल्पना, इंजीनियरिंग और सफल उड़ान का संचालन कर सकता है। दिव्यास्त्र एमके3 वास्तव में आत्मनिर्भर भारत का जीवंत उदाहरण है।"
यह सफल परीक्षण भारतीय रक्षा विनिर्माण और ड्रोन उद्योग के लिए एक नया अध्याय खोलता है, जिससे आने वाले समय में भारतीय सशस्त्र बलों की सामरिक ताकत में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।