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India-EU FTA: पीएम मोदी ने कहा– ‘टैरिफ को हथियार बनाने के दौर में स्थिरता का नया ब्लूप्रिंट’

भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, 90% उत्पादों पर टैरिफ घटे, निवेश, रोजगार और ग्रीन इकॉनमी में बढ़ोतरी का रास्ता साफ़

 

नई दिल्ली । भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का समझौता मंगलवार को संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट और वैश्विक स्थिरता लाने वाला कदम करार दिया।

समझौते के दौरान वैश्विक व्यापार में जारी तनाव, टैरिफ को हथियार बनाने और तकनीक का दुरुपयोग जैसी चुनौतियों पर चर्चा हुई। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने भी इस सहयोग को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।

वैश्विक उथल-पुथल के बीच स्थिरता

पीएम मोदी ने प्रेस वार्ता में कहा, “यह केवल व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि और स्थिरता का नया ब्लूप्रिंट है।” उन्होंने वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच भारत-ईयू साझेदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए भरोसा जताया कि यह सहयोग दुनिया को स्थिरता प्रदान करेगा।

उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि वैश्विक व्यापार में तेजी से ‘हथियार’ बनने वाली परिस्थितियों के बीच भारत-ईयू साझेदारी रणनीतिक रूप से जरूरी है।

India-EU FTA: प्रमुख फायदे और डील का दायरा

  • 90% से अधिक उत्पादों पर टैरिफ कम या समाप्त: बीयर, स्पिरिट्स, वाइन, मोटर वाहन, ऑलिव ऑयल, मार्जरीन, फ्रूट जूस, प्रोसेस्ड फूड, मशीनरी, केमिकल्स, फार्मा, एयरक्राफ्ट और स्पेसक्राफ्ट से जुड़े उत्पाद।
  • मोटर वाहनों पर 110% से घटाकर 10% (वार्षिक 2.5 लाख वाहन की सीमा तक)।
  • 2032 तक भारत में EU निर्यात दोगुना होने की संभावना।
  • छोटे कारोबारियों और SMEs के लिए ट्रेड और निवेश में सहायता।
  • 500 मिलियन यूरो EU सहायता: ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने और ग्रीन ट्रांजिशन को तेज करने के लिए।
  • निर्यातक EU कंपनियों को सालाना 4 अरब यूरो की ड्यूटी बचत।
  • ट्रेडमार्क, डिजाइन, कॉपीराइट और ट्रेड सीक्रेट्स में सुरक्षा मजबूत।
  • कस्टम्स प्रक्रियाओं में सुधार: पारदर्शिता बढ़ी और रेगुलेटरी बाधाएं कम।

रोजगार और निवेश पर असर

इस डील से EU में लगभग 8 लाख नौकरियां, सीधे सपोर्ट होंगी। भारत-EU व्यापार समझौता न केवल निर्यात बढ़ाएगा, बल्कि निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा देगा।

रणनीतिक और सुरक्षा पहल

पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता समुद्री क्षेत्र और साइबर सुरक्षा में सहयोग को बढ़ाएगा। दोनों पक्षों ने भरोसेमंद साझेदारी और स्थिर वैश्विक व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया।