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IIT बॉम्बे छात्र मौत मामला: प्रो. डूला के समर्थन में उतरी फैकल्टी, पिता ने लगाया गंभीर आरोप

साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में बवाल: जातिगत उत्पीड़न के आरोपों की क्राइम ब्रांच कर रही जांच, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में।

 

भदैनी मिरर डेस्क: मुंबई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Bombay) के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां छात्र के परिवार ने संस्थान के प्रोफेसर और प्रशासन पर गंभीर जातीय भेदभाव व उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी तरफ संस्थान के फैकल्टी फोरम ने एफआईआर में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में कैंपस में मार्च निकाला है।

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है और कैंपस के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

फैकल्टी फोरम ने डूला का किया समर्थन

प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को मामले के तूल पकड़ने के बाद डीन (एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स) के पद से हटा दिया गया है। हालांकि, आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार एस. पंत ने स्पष्ट किया कि उन्हें फैकल्टी सेवा से निलंबित नहीं किया गया है।

प्रशासनिक पद से हटाने का फैसला निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। फैकल्टी फोरम ने प्रो. डूला के समर्थन में कैंपस के भीतर मार्च निकाला और छात्रों के कल्याण में उनके योगदान का हवाला दिया।

एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट की धाराएं

18 सितंबर को एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे का शव उनके हॉस्टल के कमरे में मिला था। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

एफआईआर में प्रो. सूर्यनारायण डूला समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धाराएं जोड़ी हैं। साहिल के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को जाति के नाम पर परेशान किया जा रहा था।

परीक्षा में मोबाइल इस्तेमाल विवाद और IIT की माफी

साहिल की मौत के तुरंत बाद आईआईटी बॉम्बे प्रशासन ने एक बयान जारी कर कहा था कि परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल मिला था और उसने AI प्लेटफॉर्म के जरिए नकल की कोशिश की थी।

हालांकि, छात्रों और साहिल के परिवार ने जांच पूरी होने से पहले इस तरह का बयान सार्वजनिक करने पर कड़ा विरोध जताया। भारी दबाव के बाद आईआईटी बॉम्बे ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी और कहा कि जांच पूरी होने से पहले तथ्यों को अंतिम रूप में पेश करना अनुचित था।

कैंपस में विरोध प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता हिरासत में

साहिल को न्याय दिलाने, स्वतंत्र जांच कराने और संस्थान के भीतर शिकायत निवारण तंत्र में सुधार की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को आईआईटी बॉम्बे के मुख्य गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कन्वोकेशन हॉल में छात्रों के साथ एक 'ओपन हाउस' (Open House) बैठक आयोजित की, ताकि छात्र अपनी चिंताओं और सवालों को रख सकें।

मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।