उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही: चारधाम यात्रा रविवार तक स्थगित, ग्रीन व ट्रिप कार्ड का काम भी रुका
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप का बड़ा फैसला; एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के जरूरी दस्तावेजों का काम ठप, यात्रियों को ट्रांजिट कैंप में ठहरने की सलाह।
देहरादून/ऋषिकेश (भदैनी मिरर): उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (Landslide) के खतरों को देखते हुए राज्य प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी और गंभीर हालात को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के आदेश पर चारधाम यात्रा को रविवार तक के लिए पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है।
इसके साथ ही ऋषिकेश सहित विभिन्न संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) कार्यालयों में यात्रा से जुड़े वाहनों के लिए बनाए जाने वाले ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
गढ़वाल आयुक्त सह अध्यक्ष, चारधाम यात्रा प्रबंधन व नियंत्रण संगठन (गढ़वाल मंडल) ने मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त मौसम संबंधी चेतावनियों का संज्ञान लेते हुए शनिवार दोपहर से ही यात्रा पर अस्थायी ब्रेक लगा दिया था।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और सड़कों के बहने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है।
ऋषिकेश में रोके गए यात्री, ट्रांजिट कैंपों में ठहराव
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ऋषिकेश, रावत सिंह कटारिया ने बताया कि आयुक्त के निर्देश प्राप्त होते ही एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के सत्यापन, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनाने का कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है।
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यात्रियों से अपील: ऋषिकेश और हरिद्वार पहुंचे यात्रियों को आगे की यात्रा करने से रोक दिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बने ट्रांजिट कैंपों व यात्री निवासों में रुकने के निर्देश दिए गए हैं।
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मौसम सामान्य होने का इंतजार: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम का मिजाज सुधरने और मार्गों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।