Harmanpreet Kaur Resigns: 'टीम के लिए खेल तक कुर्बान किया...' हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी
BCCI समीक्षा बैठक के बाद हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला; तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से हटीं, कहा- 'अब सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलूंगी, सफर जारी रहेगा'।
भदैनी मिरर स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय महिला क्रिकेट में एक ऐतिहासिक अध्याय का समापन हो गया है। भारतीय महिला टीम की दिग्गज खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) की कप्तानी छोड़ने का बड़ा ऐलान कर दिया है। मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी दी।
37 वर्षीय हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि कप्तानी छोड़ना उनके लिए आसान फैसला नहीं था, लेकिन उन्हें इस बात का सुकून है कि भारतीय टीम आज एक बेहद मजबूत स्थिति में है।
'टीम के लिए अपना खेल और व्यक्तिगत हित पीछे रखे' - हरमनप्रीत का छलका दर्द
हरमनप्रीत कौर ने अपने संदेश में लिखा कि कप्तान के रूप में उन्होंने टीम और देश के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया:
"मैंने इस टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना सबकुछ दिया— अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपने खेल व निजी महत्वाकांक्षाओं का हिस्सा भी। कई बार टीम के हितों को आगे रखने के लिए मुझे अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन और विकास को पीछे धकेलना पड़ा।"
उन्होंने आगे लिखा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई ऐसे कड़े और कड़वे फैसले भी लेने पड़े जिन्हें हर कोई समझ नहीं पाया और जिनकी उन्हें व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। लेकिन उनका एकमात्र लक्ष्य टीम को बेहतर बनाना और युवा खिलाड़ियों में विश्वास जगाना था।
BCCI रिव्यू मीटिंग के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में आयोजित बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) की हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के तुरंत बाद सामने आया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य कोच अमोल मजूमदार, उप-कप्तान स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर खुद मौजूद थीं।
उल्लेखनीय है कि हरमनप्रीत ने 2016 में T20 टीम की कमान संभाली थी। इसके बाद 2022 में वनडे और 2023 में वे तीनों फॉर्मेट की नियमित कप्तान बनी थीं। उनकी कप्तानी में भारत ने ऐतिहासिक सफलताएं हासिल कीं, जिनमें पहला वनडे वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल शामिल है।
तीनों फॉर्मेट में हरमनप्रीत कौर का कप्तानी रिकॉर्ड
कप्तानी के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरमनप्रीत का दौर भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे सफल दौर में से एक रहा:
-
टेस्ट क्रिकेट: 5 मैच | 4 जीत | 1 हार | जीत प्रतिशत: 80%
-
वनडे इंटरनेशनल (ODI): 51 मैच | 30 जीत | 19 हार | 1 टाई | 1 बेनतीजा | जीत प्रतिशत: 58.82%
-
टी20 इंटरनेशनल (T20I): 155 मैच | 92 जीत | 57 हार | 1 टाई | 5 बेनतीजा | जीत प्रतिशत: 59.35%
बल्ले से भी जमाया धाक, 9,000 से अधिक रन
कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ-साथ हरमनप्रीत ने बल्ले से भी कई कीर्तिमान रचे हैं। उन्होंने तीनों फॉर्मेट मिलाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 9,191 रन बनाए हैं:
-
टेस्ट: 8 मैच में 304 रन
-
वनडे: 164 मैचों में 4,541 रन (7 शतक, 24 अर्धशतक, सर्वोच्च स्कोर 171*)
-
टी20I: 210 मैचों में 4,346 रन (1 शतक, 18 अर्धशतक)
कप्तानी खत्म, खिलाड़ी के रूप में जारी रहेगा सफर
हरमनप्रीत कौर ने अपने प्रशंसकों और क्रिकेट प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि यह सिर्फ कप्तानी से विदाई है, क्रिकेट के मैदान से नहीं।
उन्होंने अपने संदेश का अंत इन प्रभावशाली पंक्तियों के साथ किया:
"खून, पसीना, त्याग, गर्व... मैंने अपना सबकुछ दिया। अब मैं फिर से सिर्फ खेल के प्रति अपने प्यार के लिए खेलने को तैयार हूँ। कप्तानी खत्म होती है, लेकिन सफर जारी रहता है।"