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गुरुग्राम: डीएलएफ में सीलिंग और तोड़फोड़ के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, संघर्ष समिति गठित

डीएलएफ फेज-3 में जुटे कई गांवों के लोग; हरियाणा सरकार को दी चेतावनी— 'कार्रवाई न रुकी तो आर-पार की लड़ाई'

 

गुरुग्राम/वाराणसी (भदैनी मिरर न्यूज़): हरियाणा के गुरुग्राम में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग द्वारा डीएलएफ के मकानों में की जा रही सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने डीएलएफ फेज-3 स्थित मेट्रो स्टेशन के पास पार्क में एक विशाल पंचायत का आयोजन किया।

पंचायत में सर्वसम्मति से 'संघर्ष समिति' का गठन किया गया और आगामी 28 अगस्त को जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर विशाल महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कई गांवों के मौजिज लोग हुए शामिल, जितेंद्र यादव बने प्रधान

सुबह 11 बजे आयोजित इस पंचायत में नाथूपुर, सिकंदरपुर, चकरपुर, बादशाहपुर, सिरहौल, शिकोहपुर, दरबारीपुर और वजीराबाद समेत आसपास के गांवों के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वसम्मति से सिरहौल गांव के चौधरी जितेंद्र यादव को संघर्ष समिति का प्रधान नियुक्त किया गया।

जितेंद्र यादव ने हरियाणा सरकार को सीधे तौर पर चेताते हुए कहा कि अदालत के आदेश की आड़ में डीएलएफ के निवासियों पर हो रही इस तरह की कार्रवाई तुरंत रुकनी चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि:

  • डीएलएफ के मकानों को नियमित (Regularize) किया जाए।

  • पीजी (PG) और गेस्ट हाउस संचालन के लिए सरकार एक पारदर्शी व नई नीति बनाए।

  • स्टिल्ट पार्किंग और अवैध निर्माण के नाम पर मकान मालिकों का उत्पीड़न बंद हो।

'आज डीएलएफ की बारी, कल आपकी कॉलोनी की होगी'

पंचायत को संबोधित करते हुए सूबे सिंह बोहरा, राजेश यादव (बादशाहपुर) और मुकेश डागर समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक क्षेत्र की नहीं है। यदि आज लोग चुप रहे तो कल यही कार्रवाई अन्य सेक्टरों, कॉलोनियों और गांवों में भी होगी। राजेश यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारी एक बड़े बिल्डर के इशारे पर एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि अन्य अदालती आदेशों पर चुप्पी साधे बैठे हैं।

डीटीपी की कार्रवाई और महापंचायत की तैयारी

इधर, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई माननीय सुप्रीम कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि वे अवैध रूप से संचालित पीजी, गेस्ट हाउस और स्टिल्ट पार्किंग के अवैध निर्माणों को खुद हटा लें।

दूसरी ओर, संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि महापंचायत की सफलता के लिए हर गांव और कॉलोनी में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा और यदि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।