{"vars":{"id": "125128:4947"}}

WhatsApp के नए 'यूजरनेम' फीचर पर सरकार सख्त: मेटा को नोटिस भेजकर 3 दिन में मांगा जवाब

Tech News: फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन धोखाधड़ी की आशंकाओं को लेकर केंद्र गंभीर, बातचीत पूरी होने तक होल्ड पर रहेगा फीचर

 

नई दिल्ली/वाराणसी (भदैनी मिरर डेस्क): मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) के आगामी 'यूजरनेम' फीचर को लेकर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस फीचर के जरिए संभावित ऑनलाइन धोखाधड़ी और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने मेटा को एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। सरकार ने कंपनी से तीन दिनों के भीतर इस पर विस्तृत जवाब मांगा है और स्पष्ट किया है कि बातचीत पूरी होने तक भारत में इस फीचर को रोलआउट न किया जाए।

सरकार को क्यों है इस फीचर पर आपत्ति?

सुरक्षा एजेंसियों और सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इंस्टाग्राम और टेलीग्राम की तरह व्हाट्सएप पर भी यूजरनेम फीचर आने से साइबर अपराधी इसका गलत फायदा उठा सकते हैं।

  • फर्जी पहचान का खतरा: कोई भी उपयोक्ता सरकारी एजेंसियों, बैंकों, प्रतिष्ठित संस्थानों या मशहूर हस्तियों (सेलिब्रिटीज) के नाम से मिलते-जुलते फर्जी यूजरनेम बनाकर लोगों को ठग सकता है।

  • सुरक्षा से समझौता नहीं: सूत्रों के अनुसार, सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहती। यही वजह है कि इस फीचर के कानूनी ढांचे और इसके प्रभाव की गहन समीक्षा की जा रही है।

क्या है व्हाट्सएप का 'यूजरनेम' फीचर?

व्हाट्सएप लंबे समय से एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है जिसके तहत यूजर्स को किसी से चैट करने के लिए अपना मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। यूजर सिर्फ एक यूनिक यूजरनेम (जैसे इंस्टाग्राम आईडी) के जरिए दूसरों से जुड़ सकेंगे। कंपनी का दावा है कि यह फीचर प्राइवेसी (निजता) को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है। भारत में व्हाट्सएप के लगभग 50 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, जिसके कारण इस फीचर का प्रभाव बहुत बड़ा होने वाला है।

कैसे काम करता है यह फीचर? (प्रमुख बिंदु)

व्हाट्सएप के मुताबिक, इस फीचर की कार्यप्रणाली कुछ इस तरह तय की गई थी:

  • अधिकतम लिमिट: यूजरनेम अधिकतम 35 कैरेक्टर (अक्षरों) तक का हो सकता है।

  • सुरक्षित नाम: कुछ हाई-प्रोफाइल और सेलिब्रिटी यूजरनेम को पहले से सुरक्षित (रिजर्व) रखा जाएगा ताकि उनका दुरुपयोग न हो।

  • पूरी तरह वैकल्पिक: यह फीचर स्वैच्छिक होगा, जिसे यूजर्स जब चाहें बदल या हटा सकेंगे।

  • क्रॉस-प्लेटफॉर्म क्लेम: बिजनेस और क्रिएटर्स अपने मौजूदा इंस्टाग्राम या फेसबुक वाले यूजरनेम को भी यहाँ क्लेम कर सकेंगे।

फिलहाल रोकना होगा रोलआउट

कंपनी की योजना के मुताबिक इस साल के अंत तक इसे चरणबद्ध तरीके से सभी के लिए रोलआउट किया जाना था और इसके लिए 'यूजरनेम रिजर्वेशन' की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। हालांकि, अब सरकार के सख्त निर्देश के बाद जब तक आईटी मंत्रालय और मेटा के बीच इस मुद्दे पर सुरक्षा मानकों को लेकर सहमति नहीं बन जाती, तब तक भारत में इस फीचर के लॉन्च पर ब्रेक लगा रहेगा।