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Gold Silver Price Today: ₹1.50 लाख से नीचे फिसला सोना, चांदी 6% टूटकर ₹2.29 लाख
 

मजबूत डॉलर और ग्लोबल टेक शेयरों में गिरावट का असर कमोडिटी बाजार पर, MCX पर सोना करीब 2% और चांदी 6% तक टूटी
 

 

व्यापार डेस्क। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर संकेतों के बीच शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी करीब 6 प्रतिशत टूटकर ₹2,29,187 प्रति किलो तक पहुंच गई, जबकि सोना लगभग 2 प्रतिशत गिरकर ₹1,49,396 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली शुरू हो गई।

MCX और COMEX दोनों पर दबाव

ट्रेडिंग शुरू होने के कुछ ही मिनटों में अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX पर तकनीकी सपोर्ट लेवल टूट गए। सोना $4,750 प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे फिसलकर करीब $4,671 पर पहुंच गया। वहीं चांदी $70 प्रति औंस के सपोर्ट से टूटकर लगभग $63.90 पर कारोबार करती दिखी।

रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे पहुंचे भाव

गुरुवार को MCX पर अप्रैल 2026 एक्सपायरी वाला सोना ₹1,52,260 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो इसके रिकॉर्ड हाई ₹1,80,779 से करीब ₹28,500 कम है। वहीं चांदी गुरुवार को ₹2,46,452 प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो अपने ऑल-टाइम हाई ₹4,20,048 से लगभग ₹1.73 लाख नीचे है। पिछले चार कारोबारी सत्रों में ही सोना-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

गिरावट की मुख्य वजह क्या है?

बाजार जानकारों के मुताबिक अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक टेक शेयरों में बिकवाली ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता फिर से शुरू होने की खबर से ‘सेफ हेवन’ डिमांड कमजोर हुई है।
SEBI रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, “अमेरिका-ईरान बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ है और सोने-चांदी की सुरक्षित निवेश वाली मांग घट गई है।”

PACE 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल ने कहा कि कीमती धातुओं में आई तेजी अब खत्म हो चुकी है। ऊंचे स्तरों पर खरीदारों को सलाह है कि अगली छोटी रिकवरी में पोजीशन हल्की करें, क्योंकि आगे और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता से बदला सेंटीमेंट

अमेरिका और ईरान शुक्रवार को ओमान में परमाणु वार्ता फिर शुरू कर रहे हैं। यह बातचीत जून में इजरायल-ईरान तनाव और ईरान के अंदर विरोध प्रदर्शनों के चलते रुकी हुई थी। इस कूटनीतिक पहल से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना बदली है, जिसका सीधा असर सोना-चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों पर पड़ा है।