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Galgotias University की प्रो. नेहा सिंह की नौकरी गई या बची?  ‘Robodog’ विवाद से आई थीं चर्चा में 

वैश्विक मंच पर बेइज्जती करवाने वाली यूनिवर्सिटी ने जारी किया स्पष्टीकरण

 

नोएडा/नई दिल्ली। वैश्विक मंच पर देश की भद्द पिटवाने वाली Galgotias University ने ‘रोबोडॉग’ विवाद पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर दिया है। 
 कैमरे के सामने  ‘Robodog’ को इन हॉउस बताकर चर्चा में आईं प्रोफ़ेसर नेहा सिंह की नौकरी गई या बची है इसको लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग बातें हो रही है।  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी से लेकर कई नेताओं ने इस समिट पर निशाना साध चुके है। ‘Robodog’ को Galgotias University की प्रोफेसर नेहा सिंह ने जैसे ही इन हॉउस बताया आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी का महिमामंडन करते हुए ट्वीट तक कर दिया था। पोस्ट वायरल होते ही चीन ने रोबोट पर अपना दावा करते हुए पोस्ट किया आईटी मंत्री को अपना ट्वीट डिलीट करना पड़ा। आइये अब जानते है जिस समिट में विश्व के बड़े-बड़े नेताओं का आगमन हो रहा है ऐसे वैश्विक मंच पर एक शब्द से देश की भद्द पिटवाने वाली नेहा सिंह की नौकरी बची या उन्हें हाथ धोना पड़ा- 

विश्वविद्यालय के अनुसार, मामले की आंतरिक जांच जारी है। प्रोफेसर नेहा सिंह को संस्थान के साथ बने रहने के लिए कहा गया है।


क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत India AI Impact Summit 2026 के दौरान हुई, जहां विश्वविद्यालय के स्टॉल पर प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग- ‘ओरियन’ को विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की इन-हाउस उपलब्धि बताया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद कई यूज़र्स ने दावा किया कि प्रदर्शित मॉडल वास्तव में चीन की कंपनी Unitree Robotics का व्यावसायिक उत्पाद Unitree Go2 है, न कि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित स्वदेशी नवाचार।

विश्वविद्यालय का पक्ष

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार नितिन कुमार गौर ने मीडिया को बताया कि प्रस्तुति के तरीके में “त्रुटि” हुई थी और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि विवाद के बाद विश्वविद्यालय ने एक्सपो में अपना स्टॉल खाली कर दिया और सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया।
उन्होंने कहा “हम कभी नहीं चाहते कि विश्वविद्यालय या देश की छवि को नुकसान पहुंचे,” । गौर ने स्पष्ट किया कि किसी को भ्रमित करने का कोई इरादा नहीं था और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए विस्तृत आंतरिक समीक्षा की जाएगी।

नेहा सिंह की स्थिति स्पष्ट

ऑनलाइन अटकलों के बीच रजिस्ट्रार ने साफ किया कि प्रोफेसर नेहा सिंह को निलंबित नहीं किया गया है। जांच पूरी होने तक उन्हें संस्थान के साथ कार्य जारी रखने को कहा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन किसी एक व्यक्ति की कथित त्रुटि से पूरे संस्थान की छवि पर प्रश्नचिह्न नहीं लगाया जाना चाहिए।

व्यापक बहस

सरकार समर्थित यह शिखर सम्मेलन भारत और ग्लोबल साउथ के एआई नवाचारों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। ऐसे मंच पर प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों ने उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता, नैतिक प्रतिनिधित्व और शोध दावों की सत्यता पर व्यापक बहस छेड़ दी है।
विश्वविद्यालय ने दोहराया है कि रोबोटिक मॉडल छात्रों को उन्नत तकनीक से परिचित कराने के लिए प्रदर्शित किया गया था, न कि उसे मौलिक शोध के रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से।
फिलहाल, विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच पूरी होने तक विस्तृत टिप्पणी से परहेज किया है।