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UP और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान: 16 अक्टूबर को होगी वोटिंग

निर्वाचन आयोग ने जारी किया कार्यक्रम; हरदीप सिंह पुरी और रामगोपाल यादव समेत 11 सांसदों का कार्यकाल हो रहा खत्म, 29 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया।

 

भदैनी मिरर डेस्क: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की कुल 11 रिक्त हो रही राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट पर आगामी 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।

चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी। प्रत्याशी 6 अक्टूबर तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लेने की अंतिम तिथि तय की गई है।

इन दिग्गज सांसदों का कार्यकाल हो रहा है समाप्त

उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। सेवानिवृत्त होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर, पूर्व डीजीपी बृजलाल, बीएल वर्मा, गीता उर्फ चंद्रप्रभा और सीमा।

  • समाजवादी पार्टी (SP): सपा के वरिष्ठ नेता और प्रोफेसर रामगोपाल यादव।

  • बहुजन समाज पार्टी (BSP): रामजी गौतम।

वहीं, उत्तराखंड से भाजपा के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है।

यूपी विधानसभा का सियासी गणित और सीटों का समीकरण

उत्तर प्रदेश में होने जा रहा यह राज्यसभा चुनाव आगामी राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

वर्तमान में 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में विधायकों की प्रभावी संख्या 397 है। इस संख्या बल के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रत्याशी को कम से कम 37 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होगी।

  • भाजपा की स्थिति: विधानसभा में 300 के करीब विधायकों के मजबूत बहुमत के दम पर भारतीय जनता पार्टी आसानी से 7 से 8 सीटें जीतने की स्थिति में है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को राज्यपाल बनाए जाने के बाद भाजपा कई नए चेहरों को भी मैदान में उतार सकती है।

  • सपा की स्थिति: समाजवादी पार्टी अपने संख्या बल के आधार पर अपने प्रत्याशियों को उच्च सदन भेजने की स्थिति में है।

  • बसपा का सूपड़ा साफ: बसपा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही राज्यसभा में बसपा का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा, क्योंकि वर्तमान विधानसभा में बसपा का कोई मजबूत संख्या बल नहीं है जिससे वह सीट निकाल सके।