आठवें वेतन आयोग ने प्रश्नावली पर सुझाव और प्रतिक्रिया जमा करने की बढ़ाई डेट
रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ ने आयोग को लिखा पत्र
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन के लिए गठित आठवें वेतन आयोग ने 18-सूत्रीय प्रश्नावली पर सुझाव और प्रतिक्रियाएं जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। आयोग ने विभिन्न हितधारकों को अपनी राय रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। इसी बीच भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ (आईआरटीएसए) ने आयोग को पत्र लिखकर प्रश्नावली में कई महत्वपूर्ण बदलावों और भत्तों व पेंशन से जुड़े नए विषयों को शामिल करने की मांग की है।
आठवें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी प्रश्नावली का उत्तर देने की समय सीमा 16 मार्च 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रश्नावली में वेतन, पेंशन, भत्तों में संशोधन और रोजगार की शर्तों से जुड़े 18 सवाल शामिल हैं। इस पर मंत्रालयों, विभागों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से फीडबैक मांगा गया है। आयोग को अपनी सिफारिशों की अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
इधर, आईआरटीएसए के महासचिव केवी रमेश ने आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना देसाई को लिखे पत्र में प्रश्नावली के वर्तमान स्वरूप को अपर्याप्त बताया है। इसके साथ ही रेलवे यूनियन ने अपनी मांगें रखी हैं। इनमें कहा गया है कि सातवें वेतन आयोग ने 196 प्रकार के भत्तों पर विचार किया था। लेकिन आठवें आयोग की प्रश्नावली की थीम में केवल 12 समूहों का जिक्र है। इस और विस्तारित करने की जरूरत है। वर्तमान प्रश्नावली में पेंशन और पारिवारिक पेंशन के बारे में विशेष उल्लेख नहीं है। इसे शामिल किया जाना चाहिए। समय के साथ नई तकनीकी और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए ग्रुप ए, बी और सी कर्मचारियों की मौजूदा वर्गीकरण संरचना की व्यापक समीक्षा की जरूरत है। प्रश्नावली में केवल ’मोडिफाइड एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेसन स्कीम’ का जिक्र है। जबकि मुख्य फोकस कार्यात्मक पदोन्नति पर होना चाहिए। इसके अलावा भी संघ की ओर से कई सुझाव दिये गये हैं।