बंगाल में ED का बड़ा एक्शन: पूर्व DCP शांतनु सिन्हा के ठिकानों पर छापेमारी, 'सोना पप्पू' गैंग से कनेक्शन खंगाल रही एजेंसी
चक्रबेरिया, रॉयड स्ट्रीट और कस्बा में हड़कंप: 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार हो चुके हैं पूर्व DCP शांतनु सिन्हा
कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह-सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जबरन वसूली (Extortion), जमीन हड़पने और वित्तीय धोखाधड़ी के एक हाई-प्रोफाइल रैकेट की जांच के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी ने राज्य भर में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस पूरे रैकेट के तार कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास और 'सोना पप्पू' नामक एक कुख्यात नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सुबह 6 बजे से ही एक्टिव हुईं ED की टीमें
जानकारी के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे ईडी की अलग-अलग टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से एक साथ छापेमारी शुरू की। अधिकारियों की टीमों ने जिन मुख्य ठिकानों पर दबिश दी है, उनमें रसूखदार पुलिस अधिकारियों से लेकर बड़े कारोबारी तक शामिल हैं।
चक्रबेरिया, रॉयड स्ट्रीट और कस्बा में हड़कंप
ED की टीमें कोलकाता और आसपास के इलाकों में तीन से चार प्रमुख ठिकानों को रडार पर लेकर तलाशी ले रही हैं:
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चक्रबेरिया: ED के अधिकारी यहां मशहूर कारोबारी अतुल कटारिया के आवास पर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
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कस्बा: कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के घर पर भी ईडी की टीम मौजूद है और गहन पूछताछ की जा रही है।
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रॉयड स्ट्रीट: इस इलाके में स्थित एक नामी होटल और एक अन्य कारोबारी के आवास पर सघन तलाशी अभियान चल रहा है।
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मुर्शिदाबाद: ईडी की एक दूसरी टीम मुर्शिदाबाद के कांडी स्थित पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के पैतृक/निजी आवास पर पहुंची है, जहां सुरक्षा बलों की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार हो चुके हैं पूर्व DCP शांतनु सिन्हा
आपको बता दें कि इस छापेमारी से ठीक एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार को ईडी ने कोलकाता पुलिस के सुरक्षा नियंत्रण विभाग में तैनात उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक, ईडी दफ्तर में 10 घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन पूछताछ के बाद उन्हें कस्टडी में लिया गया।
ED अधिकारी का बयान: "सोना पप्पू नेटवर्क से जुड़े भूमि हड़पने, जबरन वसूली और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शांतनु सिन्हा से पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने कई सीधे सवालों के जवाब देने से परहेज किया और जांच में सहयोग नहीं किया। पुख्ता सबूतों और उनके असहयोगपूर्ण आचरण के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।"
क्या है 'सोना पप्पू' गैंग और 'जय कामदार' का कनेक्शन?
जांचकर्ताओं के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट का कनेक्शन बिजनेसमैन जय कामदार से है, जिसे 'सोना पप्पू' का बेहद करीबी माना जाता है। पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के जय कामदार के साथ सीधे वित्तीय और व्यावसायिक संबंध होने के सबूत मिले हैं। पूछताछ के दौरान ईडी ने शांतनु सिन्हा के सामने कई डिलीट किए गए और एक्टिव व्हाट्सएप चैट (WhatsApp Chats) भी पेश किए, जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि कालीघाट पुलिस थाने के पूर्व प्रभारी अधिकारी (IO) रहते हुए उन्होंने इस नेटवर्क को संरक्षण दिया या वे इसमें शामिल थे।
गौरतलब है कि आधिकारिक व्यस्तताओं का हवाला देकर शांतनु सिन्हा कई बार ईडी के समन पर पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद एजेंसी ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था। फिलहाल, शुक्रवार को हो रही इस छापेमारी में ईडी के हाथ कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत लगे हैं, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल पुलिस और प्रशासनिक महकमे में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।