'मत करिए हवाई यात्रा...': 700% किराया बढ़ोतरी की PIL पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, खारिज की याचिका
दिवाली-छठ से पहले लखनऊ-मुंबई समेत कई रूटों पर 2 से 3 गुना बढ़े हवाई किराए; एटीएफ (ATF) की कीमतों में लगातार चौथे महीने तेजी
भदैनी मिरर (नेशनल डेस्क): दिवाली और छठ पर्व के ऐन वक्त पर हवाई यात्रियों को दोहरा झटका लगा है। एक तरफ जहां त्योहारों के मौसम में उड़ानों के किराए 700 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई से साफ इनकार कर दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि विमान का किराया 700 फीसदी तक बढ़ चुका है। चूंकि यह एक जरूरी सेवा है, इसलिए इस तरह की अनियंत्रित बढ़ोतरी संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। इस पर जस्टिस जे. विक्रम नाथ की पीठ ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, "मत करिए हवाई यात्रा। चलिए आगे बढ़िए, अगला केस।" इसके साथ ही अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
दिवाली-छठ पर आसमान छू रहे हवाई टिकटों के दाम
दिवाली और छठ पूजा से पहले देश के प्रमुख रूटों पर हवाई सफर करना आम जनता की जेब पर भारी पड़ रहा है। 8 नवंबर को दीपावली का पर्व है और 6 नवंबर से ही ट्रेनों में लंबी वेटिंग देखने को मिल रही है। ऐसे में हवाई टिकटों की मांग अत्यधिक बढ़ गई है:
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लखनऊ से मुंबई का किराया बढ़कर ₹24,000 तक पहुंच गया है।
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दिल्ली, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों के लिए भी टिकट के दाम सामान्य से 2 से 3 गुना अधिक वसूले जा रहे हैं।
विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में लगातार चौथे महीने उछाल
हवाई किराया और महंगा होने की मुख्य वजह विमान ईंधन (ATF) के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी भी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच पेट्रोलियम कंपनियों ने एटीएफ के दाम फिर बढ़ा दिए हैं:
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दिल्ली में एटीएफ की कीमत 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 138.50 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
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यह लगातार चौथा महीना है जब विमान ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। 1 अक्टूबर को एटीएफ में ₹16 प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की गई थी, जबकि इससे पहले सितंबर में ₹6.28 और अगस्त में ₹5 प्रति लीटर का इजाफा हुआ था।
1 जनवरी 2027 से लागू होंगे 'भारतीय वायुयान नियम 2026'
इस बीच, केंद्र सरकार ने भारतीय वायुयान नियम 2026 की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत एयरलाइंस कंपनियों को टिकट दरें तय करने की पूरी छूट दी गई है। नए नियमों के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से एयरलाइंस को किराया बढ़ाने या तय करने के लिए सरकार से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, किसी बेहद आपातकालीन या अपरिहार्य स्थिति में सरकार हस्तक्षेप कर दिशा-निर्देश जारी कर सकेगी।