अमेरिका ने फिर हमला कर 4 भारतीयों को मार डाला? सोशल मीडिया पर वायरल दावे पर विदेश मंत्रालय ने बताई सच्चाई
'MT Liaki Freedom' टैंकर पर हमले और भारतीय नाविकों की मौत की खबर पूरी तरह झूठी, खाड़ी के तनाव के बीच फैलाई जा रही अफवाह
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों सनसनीखेज और भ्रामक खबरों का बाजार गर्म है। हाल ही में इंटरनेट पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया कि ओमान के पास एक तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। इस संवेदनशील खबर पर अब भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने खुद सामने आकर स्थिति साफ की है। विदेश मंत्रालय ने इस वायरल खबर का पूरी तरह खंडन करते हुए इसे 'फेक न्यूज' करार दिया है।
क्या है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा?
इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर 'India Sentinels' नामक एक अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की गई। इस पोस्ट में दावा किया गया कि ओमान के पास 'MT Liaki Freedom' नामक तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना ने हफ्ते का चौथा बड़ा हमला किया है। दावे के मुताबिक, इस कथित हमले में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई। अफवाह को सच दिखाने के लिए पोस्ट में बकायदा विदेश मंत्रालय (@MEAIndia) और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (@CENTCOM) को भी टैग किया गया था।
विदेश मंत्रालय ने लगाया 'FAKE' का ठप्पा
इस संवेदनशील और झूठी खबर के वायरल होते ही विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट तुरंत एक्टिव हो गई। मंत्रालय ने इस वायरल पोस्ट पर लाल रंग से "FAKE" का ठप्पा लगाकर सोशल मीडिया पर इसकी सच्चाई साझा की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सरकार ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि 'MT Liaki Freedom' नामक जहाज पर अमेरिकी हमले और उसमें 4 भारतीय नाविकों के मारे जाने की रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार, मनगढ़ंत और झूठी है।
आखिर क्यों फैली यह अफवाह? क्या है खाड़ी का असली तनाव?
दरअसल, यह झूठी अफवाह ऐसे समय में फैलाई गई है जब खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में वास्तव में सुरक्षा को लेकर भारी तनाव का माहौल है। हाल ही में ओमान की खाड़ी में 'MT Settebello' नामक एक कमर्शियल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमला हुआ था, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हो गई थी। यह घटना पूरी तरह सच थी।
इसी वास्तविक घटना की आड़ लेकर कुछ शरारती तत्वों ने 'MT Liaki Freedom' नाम से एक और हमले की झूठी कहानी सोशल मीडिया पर फैला दी।
भारत ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया है कड़ा विरोध
'MT Settebello' पर हुए वास्तविक हमले को लेकर भारत सरकार बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात कर भारत की तरफ से कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए बताया:
"मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के उन हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दोहराया है, जिनमें तीन भारतीय नाविकों की जान गई है। वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे हमले किसी भी सूरत में उचित नहीं हैं।"
भारत ने इस गंभीर मामले में अपना राजनयिक विरोध दर्ज कराने के लिए नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी (Charge d'Affaires) को भी तलब किया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाते हुए इसे पूरी तरह "अस्वीकार्य" बताया था।