बंगाल की खाड़ी में गहराया डिप्रेशन: साइक्लोनिक हवाओं से बदलेगा मौसम
उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा मौसमी सिस्टम; म्यांमार और बांग्लादेश के साथ पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में दिखेगा असर
कोलकाता / भदैनी मिरर:बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवातीय दबाव (Depression) अब अपनी दिशा बदलकर तेजी से उत्तर-उत्तर-पश्चिम (North-Northwest) दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा अलर्ट के अनुसार, हालांकि इस मौसमी तंत्र (Weather System) की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, लेकिन इसके प्रभाव से भारत के पूर्वोत्तर (North-East) राज्यों, म्यांमार और बांग्लादेश के तटीय इलाकों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा सिस्टम
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार के तटीय क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के पास स्थित यह डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान लगभग 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। यह सिस्टम म्यांमार के मिंडाट इलाके के समीप केंद्रित दर्ज किया गया था।
IMD का अनुमान है कि जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, इसकी ताकत में कमी आएगी और यह धीरे-धीरे एक कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) में तब्दील हो जाएगा।
इन राज्यों और इलाकों में दिखेगा असर
यद्यपि यह चक्रवातीय दबाव कमजोर पड़ रहा है, फिर भी इसके प्रभाव से तटीय और पूर्वोत्तर इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है:
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पूर्वोत्तर भारत (North-East States): असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का असर देखा जा सकता है।
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समुद्री सीमा व तटीय क्षेत्र: म्यांमार और बांग्लादेश से सटे तटीय इलाकों में तेज चक्रवातीय हवाएं चलने की उम्मीद है।
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मछुआरों को चेतावनी: मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के आसपास समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के कारण पूर्वोत्तर राज्यों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के वक्त हल्की ठंडक का अहसास बढ़ेगा।