Cockroach Janta Party: 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर एक और बड़ा एक्शन, वेबसाइट ठप; फाउंडर अभिजीत दिपके बोले- 'केंद्र की तानाशाही'
CJI सूर्यकांत की टिप्पणी से शुरू हुआ था सोशल मीडिया आंदोलन; इंस्टाग्राम पर 22 मिलियन फॉलोअर्स वाली 'पार्टी' की वेबसाइट बंद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हो रही थी मांग।
नई दिल्ली/वाराणसी। देश में सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुआ एक अनोखा डिजिटल आंदोलन अब सरकार और सिस्टम के सामने बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की एक अदालती टिप्पणी से शुरू हुई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janta Party) पर प्रशासनिक शिकंजा कस गया है। एक्स (X) अकाउंट पर पाबंदी के बाद अब इस वर्चुअल पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट को भी पूरी तरह से बंद (Block) कर दिया गया है। इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इसे केंद्र सरकार की खुली 'तानाशाही' करार दिया है।
वेबसाइट पर 10 लाख रजिस्ट्रेशन और इस्तीफे की मांग
पार्टी के कर्ता-धर्ता और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके ने अपने निजी अकाउंट से वेबसाइट बंद होने की जानकारी साझा की। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, "केंद्र सरकार ने हमारी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है। इस वेबसाइट पर अब तक 10 लाख से ज्यादा युवाओं ने 'कॉकरोच' के रूप में खुद को पार्टी सदस्य पंजीकृत किया था। इतना ही नहीं, इसी प्लेटफॉर्म पर देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर 6 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए थे।"
अभिजीत ने आगे सवाल उठाया कि आखिर सरकार एक सोशल मीडिया कैंपेन से इतना डर क्यों रही है? उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए लिखा, "सरकार का यह रवैया भारत के युवाओं की आंखें खोल रहा है। हमारा कसूर सिर्फ इतना है कि हम अपने बेहतर भविष्य की मांग कर रहे हैं। आप हमें इतनी आसानी से नहीं दबा सकते, कॉकरोच कभी नहीं मरते। हम जल्द ही नए डिजिटल घर की तलाश कर वापसी करेंगे।"
अकाउंट्स हैक करने और बैन करने का लगाया आरोप
इससे पहले अभिजीत दिपके ने यह भी दावा किया था कि उनकी पार्टी और उनके निजी सोशल मीडिया हैंडल्स को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' का इंस्टाग्राम पेज और फिर उनका पर्सनल अकाउंट हैक करने की कोशिश की गई। इसके अलावा, भारत में उनके मुख्य 'एक्स' (ट्विटर) अकाउंट और बैकअप अकाउंट को भी सस्पेंड कर दिया गया है।
CJI की किस टिप्पणी से शुरू हुआ यह पूरा बवाल?
दरअसल, यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर 'ट्रेंड' के रूप में शुरू हुआ था। देखते ही देखते इस डिजिटल कैंपेन ने एक ऐसी 'पार्टी' का रूप ले लिया, जिसने फॉलोअर्स के मामले में देश के बड़े-बड़े राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में सिर्फ इंस्टाग्राम पर ही इस पेज के 22 मिलियन (2.2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं।
विपक्ष का मिला साथ, सत्ता पक्ष की पैनी नजर
इस अनोखे डिजिटल आंदोलन के निशाने पर मुख्य रूप से केंद्र सरकार की नीतियां और शिक्षा व्यवस्था है। यही वजह है कि देश के विपक्षी दल इस ट्रेंड को लेकर खासे उत्साहित हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस सोशल मीडिया पेज को फॉलो भी किया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष से जुड़े लोग और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे कैंपेन और इतनी तेजी से बढ़े फॉलोअर्स को शक की निगाह से देख रही हैं। वेबसाइट ब्लॉक होने के बाद अब यह डिजिटल वॉर और तेज होने की संभावना है।