CM Vijay Delhi Visit: सत्ता संभालने के बाद पहली बार आज दिल्ली आ रहे मुख्यमंत्री विजय; PM मोदी और निर्मला सीतारमण से मुलाकात संभव, जानें पूरा शेड्यूल
तमिलनाडु की राजनीति के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह दौरा?
Bhadaini Mirror Desk: तमिलनाडु की सियासत में ऐतिहासिक उलटफेर कर सत्ता के शिखर पर पहुंचे नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री विजय आज (बुधवार) अपने पहले आधिकारिक दौरे पर देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है.
PM मोदी और वित्त मंत्री से मुलाकात का मुख्य एजेंडा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अपनी इस एक दिवसीय यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार मुलाकात कर सकते हैं. इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री तमिलनाडु के विकास और आर्थिक हितों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मांग पत्र (ज्ञापन) केंद्र सरकार को सौंपेंगे.
इस मुलाकात के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हो सकते हैं:
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वित्तीय सहायता की मांग: तमिलनाडु के लिए केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय आवंटन और लंबित फंड को जल्द जारी करने का आग्रह.
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इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: राज्य में चल रही बड़ी बुनियादी ढांचागत, औद्योगिक और प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं को गति देने के लिए जल्द मंजूरी की मांग.
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कल्याणकारी योजनाएं: राज्य की जनता के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों में केंद्रीय सहयोग बढ़ाना.
मुख्यमंत्री विजय बुधवार को ही चेन्नई से दिल्ली के लिए रवाना होंगे और मुलाकातों का सिलसिला पूरा करने के बाद आज ही वापस चेन्नई लौट आएंगे.
तमिलनाडु की राजनीति के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह दौरा?
मुख्यमंत्री विजय का यह दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास माना जा रहा है. हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय और उनकी पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कज़गम) ने सूबे के दशकों पुराने राजनीतिक ढर्रे को बदलकर रख दिया है.
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पहली ही बार में चौंकाया: अपने जीवन का पहला विधानसभा चुनाव लड़ते हुए विजय की पार्टी टीवीके ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर सबको हैरत में डाल दिया था.
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दशकों बाद गठबंधन सरकार: हालांकि टीवीके बहुमत के जादुई आंकड़े (118 सीट) से थोड़ा दूर रह गई थी, लेकिन बाद में विजय को कांग्रेस, वामपंथी दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) का मजबूत समर्थन मिला. इसके बाद उन्होंने बहुमत साबित कर सरकार बनाई.