चेक बाउंस मामला : अभिनेता राजपाल यादव कल शाम तक जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करें- हाईकोर्ट
बार-बार कम्पनी का बकाया देने का कोर्ट में वादा कर समझौता किया और मुकरते रहे
अदालत ने कहा-कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं राजपाल यादव, अब और राहत नहीं दी जा सकती
नई दिल्ली। चेक बाउंस के मामलों में बार-बार समझौता और रकम का भुगतान कराने का वादा करने के बावजूद अदायगी न करने से दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म अभिनेता राजपाल यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अदालत के समक्ष दिए गए बयान से बार-बार मुकरने से नाराज दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए राजपाल यादव को जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि अभिनेता का बर्ताव निंदनीय है। पीठ ने रिकार्ड पर लिया कि अदालत द्वारा कई मौके और काफी नरमी दिखाने के बावजूद राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को किए गए पेमेंट के वादों को पूरा नहीं किया। हाईकोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी 2026 शाम 4 बजे तक संबंधित जेल अधिकारी के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार राजपाल यादव ने एक कंपनी मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। कंपनी का कहना है कि राजपाल यादव ने पैसे लौटाने के लिए कई चेक दिए। लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए।
इसके बाद कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राजपाल यादव पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत केस दर्ज कराया। यह चेक फिल्म प्रोडक्शन के लिए दिए गए थे, लेकिन पैसे मिले नहीं। इसके बाद निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। बाद में हाईकोर्ट ने उनकी सजा को कुछ समय के लिए इस शर्त पर रोक दिया था कि राजपाल यादव कंपनी को पैसे चुकाएंगे। राजपाल यादव की तरहफ से अदालत में कई बार रूपये देने का वादा किया गया। लेकिन राजपाल ने पैसे नहीं चुकाये। कोर्ट ने कहा कि उनका व्यवहार बहुत गलत है और वे कोर्ट के भरोसे को तोड़ रहे हैं। कहा कि अब और राहत नहीं दी जा सकती।