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ChatGPT Down: भारत समेत पूरी दुनिया में चैटजीपीटी ठप, यूजर्स के जरूरी काम अटके; OpenAI ने दी सफाई

डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों की बाढ़, लॉगिन से लेकर पुरानी चैट गायब होने से स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स परेशान

 

नई दिल्ली: आधुनिक दौर में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और दफ्तर के कामों का अहम हिस्सा बन चुका एआई चैटबॉट 'चैटजीपीटी' (ChatGPT) अचानक तकनीकी खराबी के कारण ठप हो गया है। भारत समेत पूरी दुनिया में इसके सर्वर डाउन होने से लाखों यूजर्स प्रभावित हुए हैं। शुक्रवार सुबह से ही लोगों को लॉगिन करने, सवालों के जवाब पाने और अपनी पुरानी चैट हिस्ट्री लोड करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और काम बीच में ही लटक गए हैं।

डाउनडिटेक्टर पर शिकायतों की आई बाढ़

ऑनलाइन आउटेज पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म 'डाउनडिटेक्टर' (Downdetector) के मुताबिक, अमेरिका में 4,300 से अधिक और भारत में अब तक सैकड़ों शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार:

  • 85% यूजर्स को चैटजीपीटी का इस्तेमाल करने और रिस्पॉन्स पाने में दिक्कत हो रही है।

  • 6% यूजर्स ने अकाउंट लॉगिन करने में असमर्थता जताई है।

  • 6% यूजर्स को मुख्य वेबसाइट ओपन करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

भारत के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद से सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस तकनीकी खराबी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स का गुस्सा और मीम्स की बाढ़ देखने को मिल रही है।

OpenAI ने माना- सिस्टम में आई है खराबी

चैटजीपीटी की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने भी आधिकारिक तौर पर इस समस्या को स्वीकार किया है। कंपनी ने अपने स्टेटस पेज को अपडेट करते हुए कहा कि कुछ यूजर्स को चैटबॉट से बातचीत करने या प्रतिक्रिया पाने में समस्या हो सकती है। ओपनएआई की टेक्निकल टीम ने इस बग और आउटेज को ठीक करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

यूजर्स को आ रही हैं ये मुख्य परेशानियां:

  1. ऐप क्रैश और ब्लैंक स्क्रीन: मोबाइल यूजर्स (Android और iOS) जैसे ही ऐप खोल रहे हैं, वह अपने आप बंद हो जा रहा है या हैंग हो रहा है। सवाल पूछने पर सिर्फ कर्सर ब्लिंक हो रहा है, कोई जवाब नहीं मिल रहा।

  2. पुरानी चैट का गायब होना: स्क्रीन के बाईं ओर दिखने वाली पुरानी चैट और सेव प्रोजेक्ट्स का इतिहास पूरी तरह से साफ या सफेद दिखाई दे रहा है।

  3. ऑटो-लॉगआउट और स्लो सर्वर: कई यूजर्स अपने अकाउंट से खुद-ब-खुद लॉगआउट हो गए हैं और दोबारा लॉगिन करने पर पेज लोड नहीं हो रहा है। जिन यूजर्स का अकाउंट खुल भी रहा है, वहां प्रोसेसिंग बेहद धीमी है।

एआई (AI) पर बढ़ती निर्भरता आई सामने

इस आउटेज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मौजूदा समय में वर्कप्लेस और शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स पर निर्भरता कितनी बढ़ चुकी है। सुबह से ही कोडिंग सीख रहे इंजीनियर्स, परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र, कंटेंट राइटर्स और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स के काम पर इस आउटेज के कारण अचानक ब्रेक लग गया है। यूजर्स अब जल्द से जल्द सेवाएं बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।