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Cabinet Reshuffle 2026: दीपावली से पहले मोदी सरकार में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट

तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करने के लिए मुरुगन ने दिया इस्तीफा; धर्मेंद्र प्रधान समेत कई मंत्रियों के पद खाली होने से आधा दर्जन से अधिक बर्थ पर नए चेहरों की संभावना।

 

भदैनी मिरर नेशनल डेस्क: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन (L. Murugan) ने मंगलवार (13 अक्टूबर 2026) को अचानक मंत्रिपरिषद और अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में दीपावली से पहले संभावित कैबिनेट फेरबदल (Cabinet Reset) को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

मूल रूप से तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे और उनका कार्यकाल 2030 तक था। हालांकि, उन्होंने पार्टी को राज्य में मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया है।

तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं मुरुगन

अपने इस्तीफे की वजह स्पष्ट करते हुए एल. मुरुगन ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी इच्छा जाहिर की थी कि वे तमिलनाडु वापस जाकर आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी संगठन को मजबूत करना चाहते हैं।

मुरुगन ने कहा— "प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से तमिल संस्कृति और गर्व को वैश्विक स्तर पर लेकर गए हैं। दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु का दौरा किया था, जहाँ मैंने जनता का उनके प्रति भारी उत्साह और प्रेम देखा। इसलिए मैंने महसूस किया कि मुझे राज्य में जाकर पार्टी के लिए व्यापक स्तर पर काम करना चाहिए। मैंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि मुझे मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारियों से मुक्त कर राज्य में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी जाए।"

मंत्रिमंडल में खाली पड़ी हैं आधा दर्जन से अधिक सीटें

एल. मुरुगन के इस्तीफे के साथ ही केंद्र सरकार में खाली मंत्रियों के पदों की लंबी फेरबदल सूची सामने आ रही है:

  • कार्यकाल समाप्त: इस साल जॉर्ज कुरियन (George Kurien) और रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) जैसे राज्य मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त होने पर उनके पद खाली हुए थे। इसके अलावा हरदीप पुरी और बी.एल. वर्मा का कार्यकाल भी अगले महीने समाप्त होने वाला है।

  • धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा: गर्मियों के दौरान धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटना पड़ा था, जिसके बाद से उस मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी संभाल रहे हैं।

  • संगठन में नई जिम्मेदारियां: ऐसी भी चर्चाएं हैं कि पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली बीजेपी इकाई का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद वे भी अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

इन सभी रिक्तियों को मिलाकर वर्तमान में केंद्र सरकार में आधा दर्जन से अधिक मंत्री पद खाली चल रहे हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल (जिसमें 71 मंत्रियों ने शपथ ली थी) के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट फेरबदल दीपावली से ठीक पहले देखने को मिल सकता है।