बिहार में भाजपा को झटका : विधायक मिश्रीलाल यादव ने दे दिया पार्टी से इस्तीफा
कहा-पार्टी दलित और पिछड़ा विरोधी, घमंड में चूर शीर्ष नेतृत्व को जनता सबक सिखा देगी
दरभंगा के अलीनगर से लोक गायिका मैथिली ठाकुर को टिकट देने पर भाजपा कर रही विचार
पटना। दरभंगा के अलीनगर से भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में दलितों और पिछड़े वर्गों को उनका हक नहीं मिल रहा। भाजपा दलित और पिछड़ा विरोधी है। जानकारों की मानें तो भाजपा अलीनगर से मैथिली ठाकुर को टिकट देने पर विचार कर रही है। मैथिली ठाकुर के टिकट की घोषणा हो, इससे पहले ही मिश्रीलाल ने पार्टी से किनारा कर लिया। अब उनके इंडिया गठबंधन से जुड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।
जनता दल यूनाइटेड के बाद मिश्रीलाल के इस्तीफे से भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दरभंगा की अलीनगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक मिश्रीलाल यादव ने पार्टी से इस्तीफा देने का एलान करने के साथ ही पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाये। कहाकि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व घमंड में चूर है। इस बार जनता भाजपा को सबक सिखाकर रहेगी। मिश्रीलाल यादव ने पत्रकारों से कहा कि अलीनगर में पिछले 30 वर्षों से एनडीए का विधायक नहीं रहा। लेकिन, 2020 में मैंने वहां भाजपा का परचम लहराया। इसके बावजूद पार्टी ने मेरा अपमान किया। भाजपा में मुझे लगातार प्रताड़ित किया गया। ऐसे दल में बने रहना मेरे स्वाभिमान के खिलाफ है। साथ ही मिश्रीलाल ने कहाकि वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा पत्र सौंपने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि उन्हें चाहे जिस दल से चुनाव लड़ना पड़े लेकिन वह अलीनगर से चुनाव जरूर लड़ेंगे। बताया कि मैं सेकुलर सोच वाला व्यक्ति हूं। इसलिए संभव है कि मैं किसी सेकुलर पार्टी में जाऊं। लेकिन अभीर पार्टी तय नही है।
गौरतलब है कि भाजपा विधायक मिश्रिलाल यादव की विधानसभा सदस्यता 23 जुलाई को बहाल हो गई है। मिश्रिलाल यादव को दरभंगा के एमपी एमएलए की विशेष न्यायालय ने एक पुराने मारपीट के मामले में 27 मई को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद मिश्रीलाल को जेल हो गई थी। इसके कारण 20 जून को मिश्रिलाल यादव की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि इस मामले में विधायक को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। जबकि हाईकोर्ट ने 18 जुलाई को विधानसभा सदस्यता रद्द करने के मामले को निरस्त कर दिया था।
आपको यह भी बता दें कि मिश्रीलाल यादव ने 2020 विधानसभा चुनाव में मुकेश सहनी की पार्टी विकाससील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस समय वीआईपी एनडीए का हिस्सा थी। मगर 2022 में पार्टी टूट गई और उसके चार में से तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा में शामिल होनेवालों में मिश्रीलाल यादव भी शामिल रहे।