{"vars":{"id": "125128:4947"}}

बदल गया मोबाइल सिम से जुड़ा बड़ा नियम! नाम पर हैं 9 नंबर तो नहीं मिलेगा नया कनेक्शन, जानिए DoT का नया आदेश

24 अगस्त 2026 से लागू होगा DoT का नया सिस्टम, फर्जीवाड़े और डिजिटल फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम

 

भदैनी मिरर (Bhadaini Mirror) डेस्क: यदि आपके नाम पर भी कई मोबाइल नंबर चालू हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल सिम कार्ड आवंटन को लेकर नया और सख्त निर्देश जारी किया है। नए नियम के तहत, यदि किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं, तो उसे अब 10वां यानी कोई नया सिम कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।

सरकार ने सभी टेलीकॉम कंपनियों (जैसे Jio, Airtel, VI, BSNL) को निर्देश दिया है कि वे अपने सिस्टम को इस प्रकार अपडेट करें ताकि सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की तुरंत पहचान की जा सके और उन्हें नया सिम देने से रोका जा सके।

24 अगस्त 2026 से लागू होगा नया सिस्टम

DoT के नए निर्देशों के मुताबिक, टेलीकॉम ऑपरेटरों को 24 अगस्त 2026 तक इस सिस्टम को पूरी तरह लागू करने को कहा गया है। जब भी कोई ग्राहक नया सिम लेने किसी स्टोर पर जाएगा, तो सिस्टम सबसे पहले उसकी आईडी पर चल रहे मौजूदा नंबरों की जांच करेगा। यदि ग्राहक 9 कनेक्शन की सीमा पार कर चुका होगा, तो सिस्टम अपने आप नया कनेक्शन देने से मना कर देगा।

23 अगस्त से लागू होगी सब्सक्राइबर फोटो वेरिफिकेशन प्रक्रिया

केवल नाम या आईडी नंबर ही नहीं, बल्कि फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोकने के लिए दूरसंचार विभाग डिजिटल पहचान का सहारा ले रहा है।

  • डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP): 23 अगस्त 2026 से उन ग्राहकों की तस्वीरें DIP प्लेटफॉर्म पर टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएंगी, जो 9 कनेक्शन की सीमा तक पहुंच चुके हैं।

  • दैनिक मिलान (Daily Check): टेलीकॉम कंपनियां इन तस्वीरों को डाउनलोड करके यह सुनिश्चित करेंगी कि कोई व्यक्ति फर्जी या गलत दस्तावेज लगाकर सीमा से अधिक सिम कार्ड न निकाल सके।

फर्जीवाड़े और डिजिटल फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम

मौजूदा समय में मोबाइल नंबर का उपयोग केवल बातचीत के लिए नहीं, बल्कि बैंक खातों, ओटीपी (OTP), यूपीआई (UPI) और अन्य संवेदनशील डिजिटल सेवाओं के लिए होता है। कई मामलों में फर्जी पहचान पत्रों के जरिए एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्जनों सिम कार्ड जारी करा लिए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और आपराधिक गतिविधियों में किया जाता है।

DoT का मुख्य उद्देश्य इन फर्जी और अवैध सिम कार्डों के दुरुपयोग पर पूर्ण विराम लगाना है ताकि आम नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।