सरकारी योजनाओं के नियमों में बड़ा बदलाव: अब उम्र के प्रमाण के लिए मान्य नहीं होगा Aadhaar Card, जानें नए नियम
Age Proof के लिए अब इन दस्तावेजों की होगी जरूरत, केंद्र सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश
मेरठ/नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। अब तक पहचान और आयु (Age) दोनों के लिए सबसे सशक्त माध्यम माने जाने वाले आधार कार्ड की भूमिका में बड़ा बदलाव किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि को अब अंतिम और मान्य प्रमाण (Valid Proof) नहीं माना जाएगा।
पहचान के लिए 'आधार' लेकिन उम्र के लिए 'अन्य दस्तावेज'
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार केवल आपकी पहचान का प्रमाण (Proof of Identity) बना रहेगा। वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में आयु सत्यापन के लिए अब आधार के बजाय अन्य आधिकारिक दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाएगी।
नियमों में बदलाव की क्या है मुख्य वजह?
सरकार का मानना है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि कई मामलों में 'स्वयं घोषित' (Self-declared) होती है, जिसके कारण अपात्र लोग भी गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा लेते हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केवल पात्र लोगों तक लाभ पहुँचाने के लिए अब आधार कार्ड की जन्मतिथि पर निर्भरता खत्म की जा रही है।
अब ये दस्तावेज होंगे जन्मतिथि के लिए मान्य:
जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह के अनुसार, अब योजनाओं की पात्रता तय करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों को ही प्राथमिकता दी जाएगी:
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शैक्षिक प्रमाण पत्र (Educational Certificates): स्कूल या बोर्ड द्वारा जारी अंकपत्र या प्रमाण पत्र।
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परिवार कुटुंब रजिस्टर (Family Register): स्थानीय प्रशासन या ग्राम पंचायत द्वारा जारी किया गया परिवार रजिस्टर की नकल।
क्यों है ये दस्तावेज अधिक विश्वसनीय?
अधिकारियों का तर्क है कि शैक्षिक प्रमाण पत्र और कुटुंब रजिस्टर में दर्ज जन्मतिथि सरकारी अधिकारियों द्वारा प्रमाणित होती है, जबकि आधार में जन्मतिथि के अपडेशन की प्रक्रिया उतनी जटिल नहीं है।
क्या होता है परिवार कुटुंब रजिस्टर?
जो लोग इस दस्तावेज से परिचित नहीं हैं, उन्हें बता दें कि 'परिवार कुटुंब रजिस्टर' (जिसे फैमिली आईडी भी कहा जाता है) एक महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड है। इसमें परिवार के सभी सदस्यों का विवरण जैसे—नाम, उम्र, लिंग और व्यवसाय दर्ज होता है। यह ग्राम पंचायत या नगर निकाय स्तर पर तैयार किया जाता है।