NEET परीक्षा पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान बोले— 'जब पेपर वायुसेना से आएंगे, तो क्या शिक्षा मंत्रालय की नाकामी छिप जाएगी?'
सपा सुप्रीमो ने उठाए गंभीर सवाल— 'क्वेश्चन पेपर की रूट इन्फॉर्मेशन पब्लिक करने की क्या जरूरत थी, क्या लीक करने वाले इसका गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे?'
लखनऊ (भदैनी मिरर): देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) में हुई धांधली और पेपर लीक का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. सुप्रीम कोर्ट की फटकार और प्रधानमंत्री की निगरानी के बीच अब इस मुद्दे पर देश में सियासत बेहद गरमा गई है. नीट के री-एग्जाम (दोबारा परीक्षा) के प्रश्न पत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाने के लिए सरकार द्वारा भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) का सहारा लेने की खबर सामने आई है. इस खबर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है.
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की इस रणनीति को आड़े हाथों लेते हुए परीक्षा की गोपनीयता और देश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
'शिक्षा मंत्रालय अपनी गलती दूसरों पर मढ़ रहा है' - अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के इस कदम को अपनी नाकामियों को छुपाने का एक तरीका बताया है. उन्होंने शिक्षा मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
"मतलब शिक्षा मंत्री जी घुमा-फिराकर यह कह रहे हैं कि उनके मंत्रालय की कोई गलती नहीं है. वे सारा दोष पोस्टल डिपार्टमेंट (डाक विभाग) के मढ़ रहे हैं. सरकार का यह कदम यह साफ दर्शाता है कि गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली पुलिस व्यवस्था अब न तो प्रभावी रही है और न ही विश्वसनीय बची है."
सपा अध्यक्ष के इस बयान ने सीधे तौर पर देश की आंतरिक सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की साख पर सवाल उठा दिया है कि क्या अब पुलिस प्रश्न पत्रों को सुरक्षित ले जाने में भी सक्षम नहीं है?
'सुपर कॉन्फिडेंशियल' जानकारी को सार्वजनिक क्यों किया?
अखिलेश यादव ने छात्रों (NEET Aspirants) की चिंताओं को आवाज देते हुए सरकार से पूछा कि इतनी संवेदनशील जानकारी को देश के सामने ढिंढोरा पीटने की क्या आवश्यकता थी?
उन्होंने कहा कि यह बात पूरी तरह से 'Super Confidential' (अति गोपनीय) श्रेणी में आती है कि क्वेश्चन पेपर्स कहाँ प्रिंट (छपाई) हो रहे हैं और उन्हें किस माध्यम से, किस रूट से परीक्षा केंद्रों तक ले जाया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया को सबको बताने की क्या जरूरत थी? अखिलेश यादव ने आशंका जताते हुए पूछा कि क्या इस महत्वपूर्ण जानकारी का इस्तेमाल पेपर लीक करवाने वाले और नकल माफिया गलत तरीके से नहीं करेंगे? क्या इससे सुरक्षा को और खतरा नहीं बढ़ जाएगा?
सिर्फ पेपर ही नहीं, कॉपियों की हेराफेरी का क्या होगा?
अखिलेश यादव ने केवल प्रश्न पत्रों की सुरक्षा तक ही सीमित न रहकर परीक्षा के बाद की प्रक्रिया पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार पेपर तो वायुसेना के विमानों से ले आएगी, लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों की कॉपियों (OMR Sheets) की हेराफेरी और उनके मूल्यांकन (Evaluation) की शुचिता की क्या गारंटी है? कॉपियों की जांच और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार के पास क्या पुख्ता प्लान है?